Aapka Rajasthan

कलेक्ट्रेट का बदला हुआ नज़ारा: जहां विरोध-प्रदर्शन होते थे, मंगलवार को हुआ यज्ञ और मंत्रोच्चार

 
कलेक्ट्रेट का बदला हुआ नज़ारा: जहां विरोध-प्रदर्शन होते थे, मंगलवार को हुआ यज्ञ और मंत्रोच्चार

जिला कलेक्ट्रेट परिसर, जो आमतौर पर विरोध-प्रदर्शन, रैली, ज्ञापन और नेताओं के पुतले दहन जैसे राजनीतिक गतिविधियों के लिए जाना जाता है, मंगलवार को बिल्कुल अलग रूप में दिखाई दिया। जिस स्थान पर अक्सर जिंदाबाद–मुर्दाबाद के नारे गूंजते हैं, वहीं इस दिन पूरा वातावरण शांत और आध्यात्मिक दिखा। परिसर में यज्ञ आयोजित किया गया, आहुतियां दी गईं और मंत्रोच्चार से माहौल पूरी तरह बदल गया।

कलेक्ट्रेट परिसर में सुबह से ही विशेष पूजन और वैदिक विधि-विधान की तैयारियां शुरू हो गई थीं। पंडितों की टीम ने वेद मंत्रों के साथ यज्ञ अनुष्ठान कराया। उपस्थित अधिकारियों, कर्मचारियों और आयोजनकर्ताओं ने आहुतियां डालकर क्षेत्र की शांति, समृद्धि और सकारात्मक वातावरण की कामना की। इस दौरान परिसर में मौजूद लोगों ने बताया कि लंबे समय बाद यहां ऐसा शांत और आध्यात्मिक माहौल देखने को मिला है।

यज्ञ के दौरान परिसर में सुरक्षा और व्यवस्थाओं की भी उचित व्यवस्था की गई थी। अधिकारियों ने बताया कि यह कार्यक्रम सामाजिक सौहार्द और सकारात्मक ऊर्जा के उद्देश्य से किया गया, ताकि सरकारी परिसर में शांति और सहयोग का वातावरण प्रबल हो सके। कुछ कर्मचारियों ने कहा कि ऐसे आयोजन लगातार तनावपूर्ण और राजनीतिक माहौल के बीच मन को हल्का करने वाले साबित होते हैं।

कार्यक्रम में शामिल लोगों ने बताया कि कलेक्ट्रेट परिसर आमतौर पर रोज़ाना विभिन्न संगठनों और समूहों के विरोध प्रदर्शनों का केंद्र बना रहता है। कई बार पूरे दिन नारेबाजी और प्रदर्शन का माहौल रहता है, जिसकी वजह से कर्मचारी और अधिकारी लगातार दबाव में काम करते हैं। मंगलवार को हुए इस आध्यात्मिक आयोजन ने वातावरण में एक अलग ही सकारात्मकता का अनुभव कराया।

यज्ञ संपन्न होने के बाद प्रतिभागियों ने परिसर में सफाई अभियान भी चलाया और परिसर को स्वच्छ रखने का संदेश दिया। अधिकारियों ने कहा कि आगे भी समय-समय पर ऐसे आयोजन किए जा सकते हैं, ताकि कर्मचारियों और आम लोगों के लिए एक शांतिपूर्ण वातावरण बनाया जा सके।