जिले में 15 साल बाद शुरू होगी जनगणना 2027, 1200 से अधिक प्रगणक डिजिटल टैबलेट लेकर फील्ड में उतरेंगे
जिले में 15 साल बाद जनगणना 2027 का काम शुरू होने जा रहा है। अधिकारियों ने बताया कि इस बार 1200 से अधिक प्रगणक हाथ में टैबलेट लेकर सीधे फील्ड में जाकर जनगणना करेंगे। इस बार की जनगणना पूरी तरह डिजिटलाइज्ड होगी और इसमें पारंपरिक कागज-कलम का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा।
पिछली जनगणना जिले में वर्ष 2011 में हुई थी। उसके बाद वर्ष 2021 में होने वाली जनगणना विभिन्न कारणों से स्थगित रही। इस बार की डिजिटल जनगणना से न केवल डेटा संग्रहण और प्रसंस्करण में तेजी आएगी, बल्कि आंकड़ों की सटीकता भी बढ़ेगी।
अधिकारियों के अनुसार, जनगणना के दौरान प्रत्येक प्रगणक को टैबलेट में विशेष सॉफ्टवेयर उपलब्ध कराया जाएगा। इसके जरिए वे घर-घर जाकर परिवारों की जानकारी दर्ज करेंगे। इससे डेटा की मैनुअल एंट्री की जरूरत समाप्त हो जाएगी और आंकड़ों में त्रुटि की संभावना काफी कम हो जाएगी।
जनगणना का यह कार्य आधारभूत सामाजिक और आर्थिक योजनाओं के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। इस डेटा के आधार पर सरकार भविष्य की योजनाओं और संसाधनों का वितरण तय करती है। डिजिटलाइज्ड प्रक्रिया से न केवल तेजी आएगी, बल्कि डेटा की सुरक्षा और गोपनीयता भी बेहतर तरीके से सुनिश्चित की जा सकेगी।
जिले के जनगणना अधिकारी ने बताया कि सभी प्रगणकों को पहले विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि वे टैबलेट और डिजिटल सॉफ्टवेयर का सही उपयोग कर सकें। इसके अलावा, उन्हें जनता से बातचीत के दौरान आवश्यक दिशा-निर्देश और सुरक्षा उपायों की जानकारी भी दी जाएगी।
डिजिटल जनगणना की शुरुआत से जिले के नागरिकों को भी सुविधा होगी। अब उन्हें कागजी फॉर्म भरने की आवश्यकता नहीं होगी, बल्कि प्रगणक सीधे उनके घर आकर सभी विवरण टैबलेट में दर्ज करेंगे। इस नई प्रणाली से समय की बचत के साथ-साथ डेटा की सटीकता और प्रामाणिकता सुनिश्चित होगी।
इस बार की जनगणना जिले में आधुनिक तकनीक और डिजिटल प्रक्रियाओं का उपयोग करने वाली पहली जनगणना होगी। अधिकारियों का कहना है कि डिजिटल माध्यम से डेटा संग्रहण और प्रसंस्करण की पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और तेज होगी।
