बीकानेर में पंचायत चुनाव को लेकर दावेदारी तेज, प्रदेश की 14,403 ग्राम पंचायतों में 60 हजार से ज्यादा चेहरे मैदान में उतरने की तैयारी में
राजस्थान में पंचायती राज चुनाव 2026 को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। बीकानेर जिले में भी सरपंच पद के लिए दावेदारी शुरू हो गई है। गांवों में संभावित उम्मीदवार अपनी राजनीतिक जमीन मजबूत करने और मतदाताओं से संपर्क बढ़ाने में जुटे हैं। प्रदेश की 14,403 ग्राम पंचायतों को लेकर 60 हजार से अधिक दावेदारों के सामने आने की जानकारी चर्चा में है। इससे ग्रामीण राजनीति में चुनावी हलचल बढ़ गई है।
गांवों में शुरू हुई चुनावी सरगर्मी
पंचायत चुनाव ग्रामीण स्तर पर नेतृत्व चुनने का अहम अवसर होते हैं। सरपंच पद के दावेदार गांवों में लोगों से मुलाकात कर रहे हैं और स्थानीय समस्याओं को लेकर अपनी बात रख रहे हैं। पेयजल, सड़क, सफाई, नाली निर्माण, बिजली और सरकारी योजनाओं का लाभ जैसे मुद्दे चुनावी चर्चा का हिस्सा बन रहे हैं।
बीकानेर जिले में भी संभावित उम्मीदवार गांवों के लोगों के बीच अपनी पहचान मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं। कई जगह पुराने राजनीतिक कार्यकर्ता चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे हैं, जबकि कुछ नए चेहरे भी अपनी दावेदारी पेश कर रहे हैं।
प्रदेशभर में 60 हजार से ज्यादा दावेदार
दैनिक भास्कर की 18 अक्टूबर 2026 की रिपोर्ट के मुताबिक, राजस्थान की 14,403 ग्राम पंचायतों में सरपंच पद के लिए 60 हजार से अधिक चेहरे सामने आए हैं। रिपोर्ट में गांव-गांव जाकर संभावित दावेदारों की जानकारी जुटाने की बात कही गई है। यह संख्या दावेदारी करने वाले संभावित चेहरों की है, इसे अंतिम उम्मीदवारों की आधिकारिक सूची नहीं माना जाना चाहिए।
बीकानेर की पंचायतों पर भी नजर
बीकानेर जिले में 15 पंचायत समितियों और 450 से अधिक ग्राम पंचायतों में चुनावी गतिविधियां जारी हैं। अलग-अलग पंचायत समितियों में सरपंच पद के आरक्षण और चुनाव के चरण के अनुसार उम्मीदवार अपनी तैयारी कर रहे हैं। जिले में कौन-कौन चुनाव लड़ रहा है, इसकी पंचायतवार जानकारी के लिए संबंधित पंचायत की सूची देखना जरूरी होगा।
पंचायत चुनाव में सरपंच का चुनाव गांव के विकास से जुड़े फैसलों के लिहाज से अहम होता है। इसलिए मतदाताओं की नजर उम्मीदवारों के स्थानीय काम, गांव की समस्याओं और विकास संबंधी योजनाओं पर भी रहेगी।
