शिक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव: कक्षा 11 में अब 3 की जगह 4 ऑप्शनल विषय चुन सकेंगे छात्र
राजस्थान में शैक्षणिक सत्र 2026-27 से कक्षा 11 के विषय चयन को लेकर नई व्यवस्था लागू कर दी गई है। इस बदलाव के तहत अब छात्रों को पहले की तरह 3 के बजाय 4 ऑप्शनल विषय चुनने की सुविधा दी जाएगी, जिससे वे अपनी रुचि और करियर के अनुसार अधिक विषयों का चयन कर सकेंगे।
नई व्यवस्था के अनुसार, अब केवल अंग्रेजी को अनिवार्य विषय रखा गया है। इसका उद्देश्य छात्रों की भाषा और संचार कौशल को मजबूत करना बताया जा रहा है। इससे पहले तक कई अन्य विषय भी अनिवार्य श्रेणी में शामिल रहते थे, लेकिन नई प्रणाली में लचीलापन बढ़ाया गया है।
शिक्षा विभाग के अनुसार, जो छात्र केवल 3 विषय ही चुनना चाहते हैं, उनके लिए अंग्रेजी के साथ हिंदी को भी अनिवार्य रखा गया है। यानी ऐसे छात्रों को अंग्रेजी और हिंदी दोनों भाषा विषय पढ़ने होंगे, जबकि बाकी तीन विषय वे अपनी पसंद के अनुसार चुन सकेंगे।
अधिकारियों का कहना है कि इस नई प्रणाली से छात्रों को अधिक शैक्षणिक स्वतंत्रता मिलेगी और वे विज्ञान, वाणिज्य या कला संकाय में अपने करियर लक्ष्यों के अनुसार बेहतर निर्णय ले सकेंगे। साथ ही, यह व्यवस्था राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप भी मानी जा रही है, जिसमें बहु-विषयक अध्ययन पर जोर दिया गया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि 4 ऑप्शनल विषयों की अनुमति मिलने से छात्रों के पास अधिक विकल्प होंगे और वे प्रतियोगी परीक्षाओं व उच्च शिक्षा के लिए बेहतर तैयारी कर पाएंगे। इससे छात्रों की रचनात्मकता और कौशल विकास को भी बढ़ावा मिलेगा।
हालांकि, कुछ शिक्षकों का कहना है कि विषयों की संख्या बढ़ने से छात्रों पर अध्ययन का दबाव भी बढ़ सकता है, इसलिए स्कूलों को उचित मार्गदर्शन और समय प्रबंधन पर विशेष ध्यान देना होगा।
शिक्षा विभाग ने सभी स्कूलों को निर्देश जारी किए हैं कि वे छात्रों और अभिभावकों को नई व्यवस्था के बारे में विस्तार से जानकारी दें, ताकि विषय चयन को लेकर किसी प्रकार की भ्रम की स्थिति न रहे।
फिलहाल, यह बदलाव आने वाले शैक्षणिक सत्र से लागू किया जाएगा और इसके प्रभाव को समय के साथ आंका जाएगा।
