साइबर ठगी के लिए बैंक खाते देने वाला आरोपी गिरफ्तार, छह खातों से जुड़े 17 साइबर अपराध; 30 लाख का लेनदेन
साइबर ठगी के मामलों में इस्तेमाल होने वाले बैंक खाते उपलब्ध कराने वाले एक आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया है कि आरोपी के छह बैंक खातों से 17 साइबर अपराध जुड़े हुए हैं। इन खातों के जरिए करीब 30 लाख रुपए की ठगी की रकम का लेनदेन किया गया। पुलिस अब आरोपी से पूछताछ कर साइबर ठगी के पूरे नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है।
पुलिस के अनुसार, साइबर अपराधों की जांच के दौरान कुछ बैंक खातों में संदिग्ध लेनदेन सामने आया था। इन खातों में ठगी की रकम आने और अलग-अलग खातों में ट्रांसफर किए जाने की जानकारी मिली। जांच को आगे बढ़ाने पर पुलिस को पता चला कि आरोपी ने अपने बैंक खातों का इस्तेमाल साइबर ठगी से जुड़ी रकम के लेनदेन के लिए होने दिया था।
जांच में आरोपी के छह बैंक खातों की जानकारी सामने आई। पुलिस के मुताबिक इन सभी खातों का संबंध कुल 17 साइबर अपराधों से पाया गया है। इन खातों में करीब 30 लाख रुपए की साइबर ठगी की राशि का लेनदेन हुआ। इसके बाद पुलिस ने आरोपी की पहचान कर उसे गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ के दौरान पुलिस आरोपी से यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि उसने बैंक खाते किन लोगों को उपलब्ध कराए थे और बदले में उसे कितना पैसा मिला। इसके साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि आरोपी सीधे साइबर ठगी में शामिल था या केवल बैंक खातों को ठगी की रकम के लेनदेन के लिए उपलब्ध कराता था।
साइबर ठगी के मामलों में अक्सर अपराधी फर्जी या दूसरे लोगों के बैंक खातों का इस्तेमाल ठगी की रकम को इधर-उधर करने के लिए करते हैं। ऐसे खातों के जरिए रकम कई स्तरों पर ट्रांसफर की जाती है, जिससे पुलिस के लिए मुख्य आरोपी तक पहुंचना मुश्किल हो जाता है। पुलिस अब गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ के आधार पर इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटा रही है।
पुलिस बैंक खातों के लेनदेन की भी जांच कर रही है। किन-किन खातों में रकम ट्रांसफर की गई और ठगी के बाद पैसा कहां पहुंचा, इसकी जानकारी जुटाई जा रही है। साथ ही साइबर अपराध से जुड़े अन्य मामलों में भी आरोपी की भूमिका की जांच की जा रही है।
छह बैंक खातों से 17 साइबर अपराधों का जुड़ना पुलिस के लिए महत्वपूर्ण सुराग माना जा रहा है। करीब 30 लाख रुपए के लेनदेन की जांच के जरिए पुलिस साइबर ठगी के नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि साइबर अपराधों पर लगाम लगाने के लिए संदिग्ध बैंक खातों और वित्तीय लेनदेन पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। लोगों से भी अपील की जाती है कि वे किसी अन्य व्यक्ति को अपने बैंक खाते, एटीएम, पासबुक या बैंकिंग संबंधी जानकारी का इस्तेमाल करने के लिए न दें। ऐसे मामलों में खाताधारक भी कानूनी कार्रवाई के दायरे में आ सकता है।
