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Bikaner विधायक महिया ने केंद्र और राज्य सरकार की खिंचाई की, लम्पी मुद्दे पर कहा- केंद्र की योजनाओं से नहीं जुड़ रही सरकार
 

बीकानेर न्यूज़ डेस्क, भारतीय जनता पार्टी ने गायों में लंपी रोग फैलने और सरकार द्वारा ठोस कार्रवाई नहीं किए जाने के खिलाफ मंगलवार को विधानसभा में हंगामा किया। इस दौरान बीकानेर के दो विधायकों ने भी विरोध किया। जिसमें श्रीडूंगरगढ़ विधायक गिरधारी माहिया ने विधानसभा के बाहर और अंदर अनोखा प्रदर्शन किया, नोखा विधायक बिहारीलाल बिश्नोई ने भी विरोध किया।

बैनर पहनकर पहुंचे महिया

श्रीडूंगरगढ़ के विधायक गिरधारी लाल महिया मंगलवार को पशुपालकों की मांगों को लेकर एक बैनर पहनकर विधानसभा पहुंचे और लम्पी बीमारी से पीड़ित मवेशियों और मृतकों की देखभाल नहीं करने पर केंद्र और राज्य सरकारों की खिंचाई की। विधायक ने केंद्र और राज्य सरकारों से कहा कि इस बीमारी को राष्ट्रीय आपदा घोषित करें, प्रभावित चरवाहों को उचित सर्वेक्षण कराकर मुआवजा दें, मवेशियों के लिए टीकों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करें, मृत मवेशियों के निस्तारण का सख्ती से प्रबंधन करें। आबादी क्षेत्र से और श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र से। राज्य चिकित्सा संस्थानों में रिक्त पदों को सीधी भर्ती के माध्यम से तत्काल भरने की मांग की।

विधायक महिया ने कहा कि बीकानेर जिले सहित श्रीडूंगरगढ़ विधानसभा क्षेत्र में दुधारू मवेशियों की मौत ने पशुपालकों के लिए रोजी-रोटी का संकट खड़ा कर दिया है। इस संकट की घड़ी में सरकार जमीन पर मरे हुए जानवरों का सर्वेक्षण करे और चरवाहों को उचित मुआवजा दे, चरवाहों को राहत देने के लिए ऋण, सब्सिडी दे। मरे हुए मवेशियों को दफनाने के लिए प्रशासन के पास भी पर्याप्त उपकरण नहीं हैं और ग्रामीण अपने स्तर पर मरे हुए मवेशियों को ठिकाने लगाने के लिए कड़ी मशक्कत से गुजर रहे हैं।

सक्रिय दिखे नोखा विधायक बिहारी

विधानसभा में नोखा विधायक बिहारीलाल बिश्नोई ने गांठदार त्वचा रोग पर बहस में भाग लिया और आवश्यक कार्रवाई की मांग की। विधायक बिश्नोई ने कहा कि ढेलेदार चर्म रोग बहुत ही गंभीर मामला है, जून में जब देसालसर गांव में यह बीमारी दिखाई दी तो इसकी सूचना तुरंत संयुक्त निदेशक पशुपालन विभाग को दी गई, वहां से भी सैंपल लेकर भोपाल भिजवाया गया. जुलाई में धीरे-धीरे यह बीमारी सभी गांवों में फैल गई। पशुपालन मंत्री से मिलकर युद्धस्तर पर प्रयास करने की मांग की। बिश्नोई ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार ने दिशा-निर्देश जारी करते हुए कहा था कि जहां गाय संक्रमित है वहां 5 किमी के दायरे में कोई टीकाकरण नहीं किया जाना चाहिए। बीकानेर समेत कई जिलों में टीकाकरण नहीं हो सका। इस एक गाइडलाइन से लाखों गायों की जान चली गई।

मंत्री ने नोखा गौशाला की सराहना की

इस चर्चा के अंत में पशुपालन मंत्री लालचंद कटारिया ने नोखा गोशाला की प्रशंसा करते हुए कहा कि पिछले कई दिनों में 10-12 जिलों में देखी गई कुछ गौशालाओं में व्यवस्था अच्छी है. इस बीच नोखा विधायक बिहारीलाल बिश्नोई ने अपनी विधानसभा में गोशाला का दौरा किया, व्यवस्था अच्छी थी, साफ-सफाई अच्छी थी, सभी गोवंश की सेवा में लगे थे।