Aapka Rajasthan

भीलवाड़ा निकायों में 105 वार्ड महिलाओं के लिए आरक्षित, 325 में 90 अनारक्षित; जहाजपुर में सबसे ज्यादा 7 ST वार्ड

 
भीलवाड़ा निकायों में 105 वार्ड महिलाओं के लिए आरक्षित, 325 में 90 अनारक्षित; जहाजपुर में सबसे ज्यादा 7 ST वार्ड

राजस्थान में आगामी निकाय चुनावों को लेकर वार्ड आरक्षण की तस्वीर अब साफ होने लगी है। भीलवाड़ा जिले के शहरी निकायों में वार्ड आरक्षण की लॉटरी के बाद चुनावी समीकरण बदल गए हैं। जिले के कुल 325 वार्डों में से 105 वार्ड महिलाओं के लिए आरक्षित किए गए हैं, जबकि 90 वार्ड अनारक्षित रखे गए हैं। आरक्षण प्रक्रिया के बाद संभावित उम्मीदवारों ने भी अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं।

वार्ड आरक्षण की प्रक्रिया में अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST), अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) और महिला आरक्षण का ध्यान रखा गया है। लॉटरी के बाद अब यह तय हो गया है कि किस वार्ड से कौन-कौन वर्ग के उम्मीदवार चुनाव मैदान में उतर सकेंगे।

महिलाओं के लिए आरक्षित हुए 105 वार्ड

निकाय चुनावों में महिला प्रतिनिधित्व बढ़ाने के लिए बड़ी संख्या में वार्ड महिलाओं के लिए आरक्षित किए गए हैं। भीलवाड़ा जिले में कुल 105 वार्डों पर महिला उम्मीदवार चुनाव लड़ सकेंगी।

महिला आरक्षण में सामान्य महिला, SC महिला, ST महिला और OBC महिला वार्ड शामिल किए गए हैं। आरक्षण की घोषणा के बाद कई पुराने दावेदारों के समीकरण बदल गए हैं, जबकि नए उम्मीदवारों ने भी सक्रियता बढ़ा दी है।

90 वार्ड रहेंगे अनारक्षित

जिले के 325 वार्डों में से 90 वार्ड अनारक्षित रखे गए हैं। इन वार्डों में किसी भी वर्ग के उम्मीदवार चुनाव लड़ सकेंगे।

अनारक्षित वार्डों को लेकर राजनीतिक दलों और संभावित प्रत्याशियों में सबसे ज्यादा उत्सुकता देखी जा रही है। कई नेताओं ने अब अपने-अपने क्षेत्रों में जनसंपर्क शुरू कर दिया है।

जहाजपुर में सबसे ज्यादा 7 ST वार्ड

वार्ड आरक्षण में अनुसूचित जनजाति (ST) वर्ग को भी प्रतिनिधित्व दिया गया है। जिले के निकायों में जहाजपुर क्षेत्र में ST वर्ग के सबसे ज्यादा 7 वार्ड आरक्षित किए गए हैं।

इसके अलावा अन्य निकायों में भी जनसंख्या और आरक्षण नियमों के आधार पर SC, ST और OBC वर्ग के लिए वार्ड तय किए गए हैं।

चुनावी तैयारियां हुई तेज

आरक्षण सूची जारी होने के बाद निकाय चुनाव की हलचल तेज हो गई है। जिन वार्डों में आरक्षण बदल गया है, वहां पुराने दावेदारों को नए विकल्प तलाशने पड़ रहे हैं। वहीं आरक्षित वार्डों में नए चेहरे भी चुनावी मैदान में उतरने की तैयारी कर रहे हैं।

राजनीतिक दल भी अब वार्डवार समीकरण बनाने में जुट गए हैं। उम्मीदवारों के चयन से लेकर चुनावी रणनीति तक आरक्षण सूची का बड़ा असर देखने को मिलेगा।

वार्डों की सूची पर टिकी नजर

आरक्षण की पूरी सूची जारी होने के बाद अब लोगों की नजर अपने-अपने वार्ड की स्थिति पर है। चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे दावेदार यह जानने में जुटे हैं कि उनका वार्ड किस श्रेणी में आया है।

निकाय चुनाव से पहले वार्ड आरक्षण की प्रक्रिया पूरी होने के साथ ही भीलवाड़ा जिले में राजनीतिक गतिविधियां और तेज होने की संभावना है।