भीलवाड़ा में अवैध मादक पदार्थ तस्करी का भंडाफोड़, एजीटीएफ और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में बड़ी सफलता
भीलवाड़ा जिले में अवैध मादक पदार्थ तस्करी के एक बड़े मामले का खुलासा करते हुए एजीटीएफ (एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स) और भीलवाड़ा पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई में बड़ी सफलता हासिल की है। मंगलवार देर रात पुलिस टीम ने विशेष सूचना के आधार पर नाकाबंदी की, जिसके दौरान एक संदिग्ध कंटेनर को रोकने का प्रयास किया गया। पुलिस को देखते ही कंटेनर चालक ने नाकाबंदी तोड़कर भागने की कोशिश की, लेकिन पुलिस की मुस्तैदी के चलते 29 मील चौराहा पुलिया पर वाहन को रोक लिया गया।
जब पुलिस टीम ने कंटेनर की तलाशी ली तो ग्रेनाइट की स्लैब्स के बीच छुपाकर बड़ी मात्रा में अवैध मादक पदार्थ रखा हुआ मिला। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि तस्कर ग्रेनाइट की आड़ में मादक पदार्थों को एक राज्य से दूसरे राज्य में ले जा रहे थे, ताकि पुलिस की निगरानी और चेकिंग से बचा जा सके। कंटेनर चालक और उसके सहयोगियों से पूछताछ में कई अहम सुराग मिले हैं, जिनके आधार पर पुलिस गिरोह के नेटवर्क का खुलासा करने की दिशा में आगे बढ़ रही है।
सूत्रों के अनुसार, बरामद माल की कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में करोड़ों रुपये तक पहुंच सकती है। हालांकि पुलिस ने जब्ती की गई मात्रा और कीमत के बारे में विस्तृत जानकारी अभी आधिकारिक रूप से साझा नहीं की है, लेकिन अधिकारियों का कहना है कि यह हाल के वर्षों में भीलवाड़ा जिले में पकड़ी गई सबसे बड़ी खेपों में से एक है। कंटेनर में मौजूद ड्रग्स की क्वालिटी और मात्रा की जांच के लिए सैंपल फॉरेंसिक लैब भेज दिए गए हैं।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मादक पदार्थ तस्करी में शामिल गिरोह अपनी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए लगातार नए तरीके इजाद कर रहे हैं। कभी वाहनों में छुपाकर, तो कभी सामान की ओट में ड्रग्स को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुँचाया जा रहा है। लेकिन एजीटीएफ और स्थानीय पुलिस की सतर्कता और तकनीकी निगरानी के कारण ऐसे कई मामलों का खुलासा हो रहा है।
घटना के बाद आरोपी चालक को गिरफ्तार कर लिया गया है और उससे पूछताछ जारी है। पुलिस का मानना है कि इस गिरोह के अन्य सदस्य भीलवाड़ा सहित राजस्थान के विभिन्न जिलों में सक्रिय हो सकते हैं। फोन कॉल, व्हाट्सऐप चैट्स और कंटेनर की मूवमेंट की पूरी जांच की जा रही है ताकि नेटवर्क की गहराई तक पहुंचा जा सके। इसके लिए पुलिस अन्य राज्यों की एजेंसियों से भी संपर्क कर रही है।
