हाईकोर्ट की सख्ती, SHO राजपाल सिंह को फटकार, जांच अधिकारी प्रथम दृष्टया दोषी माना गया
राजस्थान हाईकोर्ट में भीलवाड़ा जिले के प्रतापनगर थाने से जुड़े एक मामले की सुनवाई के दौरान गुरुवार को बड़ा घटनाक्रम सामने आया। न्यायमूर्ति फरजंद अली की एकलपीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए थानाधिकारी (SHO) राजपाल सिंह को कड़ी फटकार लगाई।
अदालत ने सुनवाई के दौरान जांच अधिकारी की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए और उन्हें प्रथम दृष्टया दोषी माना। कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि जांच में लापरवाही और प्रक्रियात्मक खामियों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता, क्योंकि इससे न्याय प्रक्रिया प्रभावित होती है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए हाईकोर्ट ने राज्य के पुलिस महानिदेशक (DGP) और गृह सचिव को भी निर्देश दिए हैं कि वे इस प्रकरण में तत्काल हस्तक्षेप करें और पूरी जांच प्रक्रिया की समीक्षा करें। अदालत ने यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया कि जांच निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से आगे बढ़े।
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने यह भी संकेत दिया कि यदि जांच में किसी प्रकार की लापरवाही या पक्षपात पाया जाता है, तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सकती है।
सूत्रों के अनुसार, यह मामला प्रतापनगर थाना क्षेत्र से जुड़ी किसी गंभीर शिकायत की जांच से संबंधित है, जिसमें जांच अधिकारी की भूमिका पर सवाल उठे थे। इसी आधार पर मामला हाईकोर्ट तक पहुंचा।
हाईकोर्ट की इस सख्त टिप्पणी के बाद पुलिस प्रशासन में हलचल देखी जा रही है। अब DGP और गृह विभाग की निगरानी में पूरे मामले की समीक्षा की जाएगी और आगे की कार्रवाई तय होगी।
अदालत ने स्पष्ट किया कि कानून के तहत किसी भी तरह की लापरवाही या अनियमितता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और जांच प्रक्रिया में पारदर्शिता सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
