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भीलवाड़ा UIT को साढ़े 3 महीने बाद मिला स्थायी सचिव, IAS सालुखे गौरव रविंद्र को मिली जिम्मेदारी; SDM स्तर पर भी बदलाव

 
भीलवाड़ा UIT को साढ़े 3 महीने बाद मिला स्थायी सचिव, IAS सालुखे गौरव रविंद्र को मिली जिम्मेदारी; SDM स्तर पर भी बदलाव

भीलवाड़ा नगर विकास न्यास (UIT) को करीब साढ़े तीन महीने बाद स्थायी सचिव मिल गया है। राज्य सरकार ने IAS अधिकारी सालुखे गौरव रविंद्र को UIT सचिव की जिम्मेदारी सौंपी है। प्रशासनिक फेरबदल के तहत आसींद और बदनोर उपखंड अधिकारियों के पदों में भी बदलाव किया गया है।

UIT सचिव का पद लंबे समय से खाली चल रहा था, जिसके कारण कई प्रशासनिक कार्यों पर असर पड़ रहा था। अब स्थायी अधिकारी की नियुक्ति के बाद विकास योजनाओं और लंबित मामलों में तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है।

IAS सालुखे गौरव रविंद्र को मिली नई जिम्मेदारी

IAS अधिकारी सालुखे गौरव रविंद्र को भीलवाड़ा UIT सचिव पद की जिम्मेदारी दी गई है। इससे पहले वे प्रशासनिक पदों पर सेवाएं दे चुके हैं।

नई जिम्मेदारी मिलने के बाद UIT से जुड़े विकास कार्य, आवासीय योजनाएं, भूमि संबंधी मामलों और अन्य प्रशासनिक गतिविधियों को गति मिलने की संभावना है।

साढ़े तीन महीने से खाली था पद

भीलवाड़ा UIT में स्थायी सचिव नहीं होने के कारण कामकाज प्रभावित हो रहा था। कई महत्वपूर्ण फाइलें और योजनाएं नियमित अधिकारी के इंतजार में थीं।

स्थायी सचिव की नियुक्ति के बाद अब UIT में निर्णय प्रक्रिया तेज होने की उम्मीद है। शहर के विकास से जुड़े प्रोजेक्ट और लंबित मामलों के निपटारे में भी तेजी आ सकती है।

आसींद और बदनोर SDM बदले

प्रशासनिक फेरबदल में आसींद और बदनोर के उपखंड अधिकारियों को भी बदला गया है। सरकार की ओर से किए गए इन बदलावों का उद्देश्य प्रशासनिक व्यवस्था को और बेहतर बनाना बताया जा रहा है।

SDM स्तर पर बदलाव से स्थानीय प्रशासनिक कामकाज में भी नई व्यवस्था लागू होगी। अधिकारियों को अपने नए पदों पर जल्द कार्यभार संभालने के निर्देश दिए गए हैं।

विकास कार्यों को मिलेगी गति

भीलवाड़ा UIT शहर के विकास, कॉलोनी योजनाओं, सड़क, आवास और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़े कामों को संभालता है। स्थायी सचिव की नियुक्ति के बाद इन कार्यों में तेजी आने की उम्मीद है।

प्रशासनिक अधिकारियों का मानना है कि नियमित अधिकारी के रहने से योजनाओं की निगरानी और निर्णय लेने की प्रक्रिया अधिक प्रभावी होगी।

नई नियुक्तियों के बाद अब भीलवाड़ा जिले में प्रशासनिक गतिविधियों में बदलाव देखने को मिलेगा। अधिकारियों के कार्यभार संभालने के बाद आगे की कार्ययोजना पर काम शुरू होने की संभावना है।