भीलवाड़ा: स्कूल लेक्चरर के ट्रांसफर विरोध में धरने पर बैठीं छात्राओं की तबीयत बिगड़ी
भीलवाड़ा में एक स्कूल लेक्चरर के ट्रांसफर के विरोध में धरने पर बैठी 7 छात्राओं की तबीयत अचानक बिगड़ गई। छात्राएं सुबह से भूखी और थकी हुई थीं, जिससे दो छात्राएं बेहोश हो गईं, जबकि बाकी पाँच छात्राएं बदहवास होकर रोने लगीं।
घटना के समय मौके पर मौजूद टीचर्स और साथी स्टूडेंट्स ने तुरंत स्थिति को संभाला। उन्होंने छात्राओं को पानी पिलाया और उन्हें शांत किया, ताकि उनकी हालत बिगड़ने से रोकी जा सके। बाद में छात्राओं को आराम करने के लिए सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया।
जानकारी के अनुसार, छात्राएं अपने स्कूल के लेक्चरर के अचानक ट्रांसफर के फैसले के विरोध में धरने पर बैठी थीं। उनका कहना था कि इस ट्रांसफर से उनकी पढ़ाई और स्कूल की व्यवस्था प्रभावित होगी। धरने के दौरान कई छात्राएं लगातार घंटों बैठी रहीं और भूख और थकान से उनकी सेहत बिगड़ गई।
स्कूल प्रशासन और स्थानीय अधिकारियों ने भी मौके पर पहुँचकर स्थिति को नियंत्रित किया। उन्होंने छात्राओं की सेहत को देखते हुए अवकाश और राहत देने की घोषणा की। अधिकारियों ने कहा कि छात्राओं के हक और उनकी पढ़ाई को ध्यान में रखते हुए प्रशासन जल्द ही इस मामले की समीक्षा करेगा।
स्थानीय लोगों और अभिभावकों ने भी छात्राओं के स्वास्थ्य और सुरक्षा पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि इस तरह के विरोध-प्रदर्शन में छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करना जरूरी है और स्कूल प्रशासन को पहले ही उचित कदम उठाने चाहिए।
इस घटना ने शिक्षा और प्रशासन के बीच संतुलन बनाए रखने की आवश्यकता को फिर उजागर किया है। स्कूल प्रशासन और अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि आगे से छात्रों की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखकर ही कोई फैसला लिया जाएगा।
