भीलवाड़ा में बालाजी मंदिर में 14 दिवसीय अखंड हनुमान चालीसा पाठ का आयोजन
जिले के बालाजी मार्केट स्थित बालाजी मंदिर में 3 जनवरी से 16 जनवरी तक 14 दिवसीय अखंड हनुमान चालीसा पाठ का भव्य आयोजन किया जाएगा। इस धार्मिक कार्यक्रम में सवा लाख चालीस हजार बार हनुमान चालीसा का पाठ किया जाएगा, जिसमें भीलवाड़ा और चित्तौड़गढ़ जिले के कुल 101 पंडित भाग लेंगे।
मंदिर के पुजारी पंडित आशुतोष शर्मा के सानिध्य में यह आयोजन किया जाएगा। पंडितों को अलग-अलग पारियों में शामिल किया जाएगा ताकि पूरे पाठ को निरंतर और अखंड रूप से संपन्न कराया जा सके। पुजारी ने बताया कि यह आयोजन भक्तों के लिए आध्यात्मिक अनुभव का अवसर है और इसे बड़े श्रद्धा भाव के साथ संपन्न कराया जाएगा।
स्थानीय प्रशासन और मंदिर समिति ने बताया कि पाठ के दौरान मंदिर परिसर में विशेष व्यवस्था की जाएगी। भक्तों के बैठने और सुरक्षित रूप से आयोजन में भाग लेने के लिए चैकिंग और सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। इसके अलावा, आयोजन में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए पानी, भोजन और प्राथमिक चिकित्सा की व्यवस्था भी की गई है।
पुजारी पंडित आशुतोष शर्मा ने कहा कि अखंड हनुमान चालीसा पाठ का उद्देश्य भक्तों को मानसिक और आध्यात्मिक शांति प्रदान करना है। उन्होंने बताया कि इस आयोजन में भाग लेने वाले पंडित लगातार पढ़ाई करेंगे और पाठ को सही ढंग से पूरा करने के लिए विशेष प्रशिक्षण लिया गया है।
स्थानीय लोगों और भक्तों में इस आयोजन को लेकर उत्साह दिखाई दे रहा है। कई भक्त अपनी सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए समय पर मंदिर पहुँचने की तैयारी कर रहे हैं। बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों सभी के लिए यह अवसर विशेष आध्यात्मिक अनुभव का प्रतीक है।
मंदिर समिति ने बताया कि इस आयोजन को लेकर मंदिर परिसर में सजावट और प्रकाश व्यवस्था भी की जाएगी। पाठ के दौरान भक्तों को पाठ सुनने और हिस्सा लेने का पूरा अवसर मिलेगा। आयोजन का समापन 16 जनवरी को विशेष आरती और हनुमानजी के भव्य पूजन के साथ होगा।
धार्मिक विशेषज्ञों के अनुसार, इस प्रकार का अखंड पाठ न केवल भक्तों की श्रद्धा को बढ़ाता है, बल्कि समाज में एकजुटता और सांस्कृतिक विरासत को भी मजबूत करता है। उन्होंने कहा कि सवा लाख बार हनुमान चालीसा का पाठ पूरे जिले के लिए आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार करेगा।
पुजारी ने भक्तों से अपील की है कि वे समय पर मंदिर पहुँचकर आयोजन में भाग लें और साथ ही अनुशासन और सुरक्षा नियमों का पालन करें। उन्होंने बताया कि पाठ के दौरान मंदिर में आने वाले सभी भक्तों की सुविधा और सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा जाएगा।
