रास्तों पर कीचड़ से परेशान ग्रामीण, गाड़ी फंसने पर बुलाना पड़ता है बुलडोजर; सड़क नहीं बनी तो आंदोलन की चेतावनी
राजस्थान के एक ग्रामीण क्षेत्र में सड़क और रास्तों की बदहाल स्थिति से लोग परेशान हैं। ग्रामीणों का कहना है कि रास्तों पर कीचड़ जमा होने के कारण आवागमन करना मुश्किल हो गया है। हालात ऐसे हैं कि वाहन रास्ते में फंस जाते हैं और उन्हें बाहर निकालने के लिए बुलडोजर बुलाना पड़ता है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही सड़क की समस्या का समाधान नहीं किया गया तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
ग्रामीणों के अनुसार, रास्तों पर जमा कीचड़ के कारण लोगों को रोजाना परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पैदल चलने वालों के साथ-साथ दोपहिया और चारपहिया वाहन चालकों को भी मुश्किल होती है। बारिश या पानी जमा होने के बाद रास्तों की स्थिति और खराब हो जाती है। ऐसे में लोगों के लिए घरों से बाहर निकलना और जरूरी कामों के लिए गांव से आना-जाना चुनौती बन गया है।
वाहन फंसने पर बुलाना पड़ता है बुलडोजर
ग्रामीणों ने बताया कि रास्ते की हालत इतनी खराब है कि कई बार वाहन कीचड़ में फंस जाते हैं। ऐसी स्थिति में वाहन को बाहर निकालने के लिए बुलडोजर की मदद लेनी पड़ती है। इससे लोगों का समय और पैसा दोनों खर्च होते हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि सड़क की समस्या केवल वाहन चालकों तक सीमित नहीं है। रास्तों से गुजरने वाले बुजुर्गों, महिलाओं, बच्चों और कामकाज के लिए बाहर जाने वाले लोगों को भी परेशानी झेलनी पड़ती है। आपात स्थिति में मरीज को अस्पताल ले जाने या अन्य जरूरी काम के लिए निकलना भी मुश्किल हो सकता है।
लंबे समय से समाधान की मांग
ग्रामीणों के मुताबिक, रास्तों की खराब स्थिति के कारण क्षेत्र के लोगों को लगातार परेशानी हो रही है। उनका कहना है कि सड़क का स्थायी समाधान होना चाहिए, ताकि हर मौसम में आसानी से आवागमन किया जा सके। केवल अस्थायी इंतजाम करने से समस्या का समाधान नहीं होगा।
ग्रामीणों ने संबंधित विभाग और प्रशासन से मांग की है कि रास्ते की स्थिति का निरीक्षण कर जल्द से जल्द सड़क निर्माण या मरम्मत का काम शुरू कराया जाए। साथ ही, पानी और कीचड़ जमा होने की समस्या को दूर करने के लिए भी उचित व्यवस्था की जाए।
सड़क ठीक नहीं हुई तो करेंगे आंदोलन
ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उनकी समस्या का जल्द समाधान नहीं किया गया तो वे आंदोलन करेंगे। उनका कहना है कि खराब रास्तों के कारण रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हो रही है और अब इस समस्या को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।
फिलहाल संबंधित गांव का नाम, सड़क की लंबाई और प्रशासन की ओर से की गई कार्रवाई की विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। ग्रामीणों की मांग है कि जिम्मेदार अधिकारी मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लें और समस्या का स्थायी समाधान कराएं। अब देखना होगा कि प्रशासन ग्रामीणों की इस मांग पर कब तक कार्रवाई करता है।
