मनरेगा की जगह लागू होगी वीबी जी राम जी योजना, 1 जुलाई से नई व्यवस्था की तैयारी तेज
ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और विकास कार्यों को नई दिशा देने के लिए केंद्र सरकार की नई ‘वीबी जी राम जी योजना’ को लागू करने की तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं। यह योजना एक जुलाई से शुरू होने जा रही है। इसके साथ ही ग्रामीण विकास मंत्रालय ने गाइडलाइन में कुछ अहम संशोधन भी किए हैं, जिनके आधार पर अब राज्यों को अपनी कार्ययोजना तैयार करनी होगी।
नई गाइडलाइन के अनुसार ग्राम पंचायतों की कार्यप्रणाली में भी बदलाव किया जाएगा। अब पंचायतों को अलग-अलग श्रेणियों में बांटकर योजनाओं का संचालन और विकास कार्यों की प्राथमिकताएं तय की जाएंगी। सरकार का उद्देश्य ग्रामीण विकास योजनाओं को अधिक प्रभावी और जरूरत आधारित बनाना बताया जा रहा है।
सूत्रों के मुताबिक नई योजना के तहत रोजगार सृजन के साथ ग्रामीण आधारभूत ढांचे को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया जाएगा। पंचायत स्तर पर विकास कार्यों की निगरानी और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए भी नए प्रावधान किए जा रहे हैं। इसके लिए राज्यों से विस्तृत प्लान मांगा गया है।
बताया जा रहा है कि संशोधित गाइडलाइन में पंचायतों की आबादी, भौगोलिक स्थिति और विकास जरूरतों के अनुसार अलग-अलग श्रेणियां तय की जाएंगी। उसी आधार पर फंड और कार्यों का आवंटन किया जाएगा। इससे योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन की उम्मीद जताई जा रही है।
नई योजना को लेकर प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां तेज हो गई हैं। पंचायतों और संबंधित विभागों को नई व्यवस्था के अनुसार काम करने के निर्देश दिए जा रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि योजना लागू होने से पहले सभी जरूरी प्रक्रियाएं पूरी कर ली जाएंगी।
ग्रामीण क्षेत्रों में इस नई योजना को लेकर चर्चा भी शुरू हो गई है। कई लोगों को उम्मीद है कि इससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और गांवों में विकास कार्यों को गति मिलेगी। वहीं कुछ लोग मनरेगा जैसी पुरानी व्यवस्था में बदलाव को लेकर सवाल भी उठा रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि योजना को सही तरीके से लागू किया गया तो ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल सकती है। हालांकि इसके लिए राज्यों और पंचायतों के बीच बेहतर समन्वय जरूरी होगा।
सरकार का दावा है कि नई योजना ग्रामीण विकास और रोजगार के क्षेत्र में बड़ा बदलाव ला सकती है। अब सभी की नजर एक जुलाई से शुरू होने वाली इस नई व्यवस्था पर टिकी हुई है।
