डीग में छात्रों का अनोखा विरोध: अंग्रेजी माध्यम स्कूल के गेट पर लगाया ताला, बोले- मुख्य विषयों के 8 शिक्षक नहीं
राजस्थान के डीग जिले के सीकरी कस्बे में गुरुवार को महात्मा गांधी गवर्नमेंट इंग्लिश मीडियम स्कूल के छात्रों ने शिक्षकों की कमी को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। नाराज स्टूडेंट्स ने स्कूल के मुख्य गेट पर ताला लगा दिया और किसी भी शिक्षक या अन्य व्यक्ति को स्कूल परिसर में प्रवेश नहीं करने दिया।
जानकारी के अनुसार, छात्र लंबे समय से स्कूल में शिक्षकों की कमी से परेशान थे। गुरुवार को बड़ी संख्या में विद्यार्थी स्कूल के मेन गेट पर एकत्र हुए और विरोध शुरू कर दिया। छात्रों का कहना था कि स्कूल में मुख्य विषयों के 8 शिक्षक नहीं हैं, जिसके कारण उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
छात्रों ने आरोप लगाया कि शिक्षकों की कमी के चलते कई महत्वपूर्ण विषयों की नियमित कक्षाएं नहीं लग पा रही हैं। इसका सीधा असर उनकी पढ़ाई और परीक्षा की तैयारी पर पड़ रहा है। विद्यार्थियों का कहना है कि कई बार स्कूल प्रशासन और संबंधित अधिकारियों को इस समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं हुआ।
विरोध के दौरान छात्रों ने स्कूल के गेट पर ताला लगाकर अपनी मांगों को लेकर आवाज उठाई। उन्होंने मांग की कि जल्द से जल्द खाली पड़े शिक्षक पदों को भरा जाए, ताकि पढ़ाई व्यवस्था पटरी पर लौट सके।
स्कूल गेट पर ताला लगाए जाने की सूचना मिलते ही शिक्षा विभाग के अधिकारी और स्थानीय प्रशासन हरकत में आया। अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर छात्रों से बातचीत की और उनकी समस्याएं सुनीं। अधिकारियों ने छात्रों को जल्द समाधान का आश्वासन देकर समझाने का प्रयास किया।
छात्रों का कहना है कि केवल आश्वासन से काम नहीं चलेगा, बल्कि स्कूल में पर्याप्त शिक्षक नियुक्त किए जाने चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही शिक्षकों की व्यवस्था नहीं की गई तो वे दोबारा आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
गौरतलब है कि सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी का मुद्दा समय-समय पर सामने आता रहा है। विशेषकर ग्रामीण और कस्बाई क्षेत्रों में विद्यार्थियों को विषय विशेषज्ञ शिक्षकों की कमी के कारण परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
फिलहाल अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद स्थिति को शांत करने का प्रयास किया जा रहा है। अब देखना होगा कि शिक्षा विभाग छात्रों की मांगों पर कितनी जल्दी कार्रवाई करता है और स्कूल में शिक्षकों की कमी कब तक दूर हो पाती है।
