डामर महंगा होने से अटका सड़क निर्माण, 1200 गांवों को PMGSY से जोड़ने में देरी की आशंका
Rajasthan में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत 1200 से अधिक गांवों को पक्की सड़कों से जोड़ने की योजना पर फिलहाल संकट के बादल मंडराते नजर आ रहे हैं। इसकी मुख्य वजह अंतरराष्ट्रीय हालातों के चलते डामर (बिटुमेन) की कीमतों में भारी बढ़ोतरी बताई जा रही है।
जानकारी के अनुसार, इन दिनों चल रहे Iran–United States tensions के कारण कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है, जिसका सीधा असर डामर के दामों पर पड़ा है। बताया जा रहा है कि डामर के भाव में करीब 40 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हुई है।
डामर सड़क निर्माण का प्रमुख कच्चा माल है, ऐसे में इसकी कीमत बढ़ने से परियोजनाओं की लागत भी बढ़ गई है। इससे ठेकेदारों और निर्माण एजेंसियों के सामने बजट और कार्यान्वयन को लेकर चुनौती खड़ी हो गई है।
अधिकारियों का कहना है कि लागत बढ़ने के कारण कई स्थानों पर काम की गति धीमी पड़ सकती है या कुछ प्रोजेक्ट्स में देरी हो सकती है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को पक्की सड़कों के लिए और इंतजार करना पड़ सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि जल्द ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हालात सामान्य नहीं होते हैं, तो इसका असर अन्य इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं पर भी पड़ सकता है। खासकर सड़क निर्माण जैसे कार्य, जो सीधे तौर पर पेट्रोलियम उत्पादों पर निर्भर होते हैं।
फिलहाल, राज्य सरकार और संबंधित विभाग इस स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और लागत को संतुलित करने के उपायों पर विचार कर रहे हैं। हालांकि, ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों के लिए यह देरी चिंता का कारण बनती जा रही है।
