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भरतपुर की 7 पंचायत समितियों में सरपंच पदों की आरक्षण लॉटरी, चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे लोगों में उत्साह

 
भरतपुर की 7 पंचायत समितियों में सरपंच पदों की आरक्षण लॉटरी, चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे लोगों में उत्साह

पंचायत चुनाव को लेकर भरतपुर जिले में तैयारियां तेज हो गई हैं। गुरुवार को जिले की 7 पंचायत समितियों की ग्राम पंचायतों में सरपंच पदों के आरक्षण की लॉटरी निकाली गई। संबंधित पंचायत समितियों की लॉटरी उपखंड कार्यालयों में आयोजित की गई। आरक्षण की स्थिति स्पष्ट होने के साथ ही लंबे समय से चुनाव की तैयारी कर रहे संभावित उम्मीदवारों की नजर अब अपने क्षेत्र की सीट पर टिक गई है।

लॉटरी प्रक्रिया के दौरान उपखंड कार्यालयों में लोगों की काफी भीड़ और उत्साह देखने को मिला। ग्रामीण क्षेत्रों से आए लोग यह जानने के लिए उत्सुक नजर आए कि उनकी ग्राम पंचायत में सरपंच का पद किस वर्ग के लिए आरक्षित होगा। आरक्षण की जानकारी सामने आने के बाद कई संभावित उम्मीदवारों की चुनावी तैयारियों को दिशा मिलने की उम्मीद है।

लंबे समय से कर रहे थे चुनाव की तैयारी

गांवों में कई लोग पिछले काफी समय से सरपंच पद का चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे थे। संभावित उम्मीदवारों ने अपने क्षेत्र में जनसंपर्क भी शुरू कर रखा था। अब आरक्षण लॉटरी के बाद यह स्पष्ट हो जाएगा कि कौन उम्मीदवार अपनी ग्राम पंचायत से चुनाव लड़ने के लिए पात्र रहेगा।

जिन ग्राम पंचायतों में सामान्य वर्ग के लिए सरपंच पद निर्धारित हुआ है, वहां सामान्य वर्ग के संभावित उम्मीदवारों की सक्रियता बढ़ सकती है। वहीं आरक्षित सीट होने पर संबंधित वर्ग के उम्मीदवारों की दावेदारी सामने आएगी।

उपखंड कार्यालय में निकाली गई लॉटरी

गुरुवार को सातों पंचायत समितियों से संबंधित उपखंड कार्यालयों में आरक्षण की लॉटरी प्रक्रिया आयोजित की गई। प्रशासन की निगरानी में प्रक्रिया पूरी की गई। लॉटरी के दौरान स्थानीय लोग और संभावित उम्मीदवार मौजूद रहे।

आरक्षण प्रक्रिया पूरी होने के बाद पंचायतों में सरपंच पदों की स्थिति स्पष्ट होने लगी है। इसके साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में चुनावी चर्चाएं भी तेज हो गई हैं। लोग अपने-अपने क्षेत्र में संभावित उम्मीदवारों के नामों को लेकर चर्चा करते नजर आए।

अब चुनाव कार्यक्रम का इंतजार

सरपंच पदों के आरक्षण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब ग्रामीण क्षेत्रों में चुनाव कार्यक्रम का इंतजार किया जा रहा है। आरक्षण की सूची सामने आने के बाद संभावित उम्मीदवार अपनी रणनीति तय करेंगे और जनसंपर्क अभियान को गति दे सकते हैं।

पंचायत चुनाव को लेकर प्रशासनिक स्तर पर भी तैयारियां जारी हैं। आने वाले दिनों में चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में चुनावी गतिविधियां और तेज होने की संभावना है।