राजस्थान: नेशनल हाईवे पर कोयला ट्रेलर में भीषण आग, चालक जिंदा जला — पुलिस जांच में लापरवाही और तेज रफ्तार कारण मान रही
राजस्थान के नेशनल हाईवे-48 पर सोमवार देर रात को एक भयानक सड़क हादसा हुआ, जिसने सड़क पर मौजूद हर शख्स को झकझोर दिया। जैनपुरवास कट के पास एक कोयला लदे ट्रेलर और एक अन्य वाहन के बीच भीषण टक्कर के बाद ट्रेलर अचानक आग के गोले में बदल गया, जिससे चालक केबिन में फंसकर जिंदा जल गया। हादसे ने हाईवे पर भीषण जाम पैदा कर दिया और कई घंटों तक सड़क मार्ग बाधित रहा।
पुलिस और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, रात करीब देर समय पर ट्रेलर, जो तेज रफ्तार में दिल्ली-जयपुर दिशा की ओर जा रहा था, अचानक सामने से आ रहे एक छोटे वाहन से टकरा गया। टक्कर के तुरंत बाद ट्रेलर के इंजन और कोयला भरे हिस्से से पहले धुएं का गुबार उठने लगा, फिर देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया। ट्रेलर का चालक रवि यादव (पहचान पुलिस ने स्थानीय स्तर पर की है) केबिन में फँस गया और उसे बाहर निकालने का मौका तक नहीं मिला।
गाड़ी में लगी आग इतनी तेज थी कि आसपास के लोग भी पास जाने से डर रहे थे। कई लोगों ने स्थानीय स्तर पर मदद की कोशिश की लेकिन आग की तीव्र लपटें इतनी ऊँची थीं कि कोई भी उसे बचाने की हिम्मत नहीं कर सका। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि रवि यादव के विमान की तरह लाल रंग की लपटों के बीच लंबे समय तक आवाजें सुनाई दीं, लेकिन किसी तरह से केबिन तक पहुंचना संभव नहीं हुआ। अंततः आग ने उसे पूरी तरह से निगल लिया।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल कर्मी मौके पर पहुँचे। दमकल विभाग की टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद आग को नियंत्रित किया, लेकिन तब तक ट्रेलर और उससे जुड़ा सामान पूरी तरह राख हो चुका था। पुलिस ने टक्कर के कारणों की जांच शुरू कर दी है और प्राथमिक रिपोर्ट में हादसे का मुख्य कारण तेज़ रफ्तार और लापरवाही बताया जा रहा है।
इस भीषण हादसे के कारण दोनों ओर वाहनों की लंबी – कई किलोमीटर तक फैली – कतारें लग गयीं। हाईवे पर जाम से निकलने के लिए पुलिस को क्रेन और अन्य भारी मशीनों की मदद लेनी पड़ी, ताकि क्षतिग्रस्त वाहनों को हटाकर सड़क मार्ग को फिर से सुचारु किया जा सके। लोगों ने कई घंटों तक हाइवे पर फंसे रहकर मुश्किल भरी रात बितायी।
घटना के बाद पुलिस ने रवि यादव के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और परिजनों को भी दुर्घटना की सूचना दे दी है। हादसे के तुरंत बाद परिजनों के गांव में कोहराम मच गया। ग्रामीणों और रिश्तेदारों ने गुस्से के साथ प्रशासन से सुरक्षा नियमों की अनदेखी और नियमों के पालन की कड़ी जांच की मांग की है।
पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। प्राथमिक बयानों में यह भी कहा गया है कि हादसे के पीछे संभवतः ड्राइवर की तेज़ रफ्तार, सड़क पर सही संकेतों का अभाव और उचित दूरी न बनाए रखना मुख्य कारण हैं। अधिकारियों ने कहा है कि एहतियातन कदमों के अभाव में ऐसे हादसे बार-बार हो सकते हैं, इसलिए सड़क सुरक्षा नियमों के कड़ाई से पालन की आवश्यकता पर बल दिया गया है।
