यूक्रेन में ड्रोन हमले में राजस्थान के कारोबारी का फार्मा प्लांट तबाह, 18 महीने पहले भी उड़ा था गोदाम
यूक्रेन के सूमी शहर में राजस्थान के भरतपुर निवासी कारोबारी राजीव गुप्ता की फार्मास्युटिकल कंपनी के प्लांट पर ड्रोन हमला हुआ है। हमले में फैक्ट्री की मुख्य इमारत को भारी नुकसान पहुंचा और एक कर्मचारी की मौत की जानकारी सामने आई है, जबकि कई अन्य लोग घायल बताए जा रहे हैं। शुरुआती अनुमान के मुताबिक कंपनी को करीब 400 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है।
रिपोर्ट्स के अनुसार यह हमला 4 अक्टूबर को हुआ। सूमी स्थित कुसुम ग्रुप की दवा निर्माण इकाई पर रूसी ड्रोन से हमला किए जाने की बात सामने आई है। हमले के बाद फैक्ट्री में भीषण आग लग गई और मुख्य उत्पादन परिसर का बड़ा हिस्सा तबाह हो गया। कंपनी का कहना है कि इस हमले से जीवनरक्षक दवाओं के उत्पादन पर भी असर पड़ा है।
18 महीने पहले भी हुआ था हमला
कुसुम ग्रुप के यूक्रेन स्थित कारोबार पर यह दूसरा बड़ा हमला बताया जा रहा है। इससे पहले 14 अप्रैल 2025 को कंपनी के एक गोदाम को भी ड्रोन हमले में निशाना बनाया गया था। उस हमले में कंपनी को एक अरब यूक्रेनी रिव्निया से अधिक का नुकसान होने की जानकारी दी गई थी। अब करीब 18 महीने बाद दोबारा कंपनी के प्रमुख प्लांट को निशाना बनाया गया है।
कंपनी के अनुसार ताजा हमले में प्लांट को 50 मिलियन डॉलर से अधिक का नुकसान हो सकता है। सूमी स्थित यह इकाई युद्ध के दौरान भी दवाओं का उत्पादन जारी रखे हुए थी। यहां मुख्य रूप से जेनेरिक दवाओं का निर्माण किया जाता था।
22 देशों में दवाओं की सप्लाई
कुसुम ग्रुप का कारोबार भारत से शुरू हुआ था और बाद में कंपनी ने यूक्रेन में अपना विनिर्माण केंद्र स्थापित किया। रिपोर्टों के मुताबिक कंपनी की दवाएं यूक्रेन समेत कई देशों में सप्लाई की जाती हैं। कंपनी से जुड़े विवरण में 22 देशों तक दवा सप्लाई की बात सामने आई है। वहीं कुछ रिपोर्टों में 9 से अधिक देशों में बिक्री का उल्लेख है।
कंपनी भारत में भी अपनी उत्पादन इकाइयां संचालित करती है। राजस्थान के भिवाड़ी और मध्य प्रदेश के पीथमपुर में इसकी मैन्युफैक्चरिंग सुविधाएं हैं।
इंजीनियर की मौत, कई कर्मचारी घायल
ड्रोन हमले में एक इंजीनियर की मौत होने की जानकारी सामने आई है। कई अन्य कर्मचारी घायल बताए गए हैं। हमले के बाद प्लांट का संचालन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। कंपनी और स्थानीय अधिकारियों की ओर से नुकसान तथा हताहतों से जुड़ी जानकारी लगातार सामने आ रही है।
राजस्थान के कारोबारी की कंपनी पर लगातार दूसरी बार हुए हमले से भारत में भी इस घटना को लेकर चिंता बढ़ी है। कंपनी का प्रमुख उत्पादन केंद्र तबाह होने के कारण अब दवाओं के उत्पादन और सप्लाई पर पड़ने वाले असर को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
