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मध्य पूर्व तनाव से सरसों बाजार में तेजी, मंडियों में रिकॉर्ड आवक, भाव में रिकवरी की उम्मीद

 
मध्य पूर्व तनाव से सरसों बाजार में तेजी, मंडियों में रिकॉर्ड आवक, भाव में रिकवरी की उम्मीद

मध्य पूर्व में फिर से बढ़ते तनाव की खबरों के बीच कृषि बाजारों में सरसों को लेकर हलचल तेज हो गई है। अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के असर से सरसों के भाव में रिकवरी की संभावना जताई जा रही है, जिसका सीधा असर स्थानीय मंडियों में दिखाई देने लगा है।

इसी के चलते गुरुवार को मंडी में सरसों की रिकॉर्ड आवक दर्ज की गई। जानकारी के अनुसार, करीब 30 हजार कट्टे यानी लगभग 15 हजार क्विंटल से अधिक सरसों की आवक हुई, जो इस सीजन की अब तक की सबसे बड़ी आवक मानी जा रही है। अचानक बढ़ी इस आवक के कारण मंडी पूरी तरह से भर गई और जगह-जगह भीड़भाड़ की स्थिति बन गई।

कृषि व्यापारियों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और खाद्य तेलों की कीमतों में उतार-चढ़ाव का सीधा प्रभाव सरसों पर पड़ता है। मध्य पूर्व में तनाव बढ़ने से सप्लाई चेन को लेकर अनिश्चितता पैदा होती है, जिससे सरसों और उससे जुड़े उत्पादों की कीमतों में सुधार की उम्मीद बनती है।

इसी वजह से किसानों और व्यापारियों ने बड़ी मात्रा में सरसों मंडी में पहुंचानी शुरू कर दी है। कई किसानों का मानना है कि यदि आने वाले दिनों में भाव और बढ़ते हैं, तो उन्हें बेहतर मुनाफा मिल सकता है।

मंडी सूत्रों के मुताबिक, भारी आवक के बावजूद खरीदारी भी सक्रिय रही, जिससे बाजार में हल्की मजबूती देखने को मिली। हालांकि, इतनी बड़ी मात्रा में माल आने से व्यवस्था पर दबाव भी बढ़ गया और मंडी परिसर में ट्रैफिक व लोडिंग-अनलोडिंग में दिक्कतें आईं।

व्यापार विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों और घरेलू मांग के आधार पर सरसों के दामों में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। फिलहाल बाजार में सावधानी और उम्मीद दोनों का माहौल बना हुआ है।

कुल मिलाकर, सरसों की इस रिकॉर्ड आवक ने मंडियों में हलचल बढ़ा दी है और आने वाले दिनों में इसके दामों को लेकर किसानों और व्यापारियों की नजरें बाजार पर टिकी हुई हैं।