विभागीय तंत्र में बड़ी गड़बड़ी: मृत और रिटायर्ड कार्मिकों को भी हुआ वेतन भुगतान, 6 साल में 150 करोड़ रुपये अतिरिक्त बांटे गए, एआई ने किया खुलासा
राज्य में सरकारी विभागीय तंत्र में गंभीर वित्तीय अनियमितताओं का मामला सामने आया है, जहां मृत और सेवानिवृत्त (रिटायर्ड) कार्मिकों के नाम पर भी वेतन जारी कर दिया गया। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि इस गड़बड़ी के चलते पिछले 6 वर्षों में लगभग 150 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि का भुगतान कर दिया गया।
मामले का खुलासा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित डेटा विश्लेषण प्रणाली की मदद से हुआ है, जिसमें विभिन्न विभागों के वेतन रिकॉर्ड, सेवा पुस्तिकाओं और पेंशन डेटा का मिलान किया गया। इस तकनीकी जांच के दौरान ऐसे कई मामले सामने आए, जिनमें कर्मचारियों की मृत्यु या सेवानिवृत्ति के बाद भी उनके खातों में वेतन जारी होता रहा।
सूत्रों के अनुसार, यह अनियमितता अलग-अलग स्तरों पर लापरवाही और सिस्टम की कमजोर निगरानी के कारण हुई। कई मामलों में विभागीय रिकॉर्ड समय पर अपडेट नहीं किए गए, जिसके चलते भुगतान प्रक्रिया जारी रही।
एआई आधारित जांच में जब डाटा को क्रॉस-वेरीफाई किया गया तो बड़ी संख्या में ऐसे कर्मचारी पाए गए जो सेवा में नहीं थे, लेकिन उनके नाम पर वेतन जारी हो रहा था। इस खुलासे के बाद प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है।
विभागीय अधिकारियों ने बताया कि अब इस पूरे मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है और जिम्मेदार अधिकारियों एवं कर्मचारियों की भूमिका की समीक्षा की जा रही है। साथ ही, अतिरिक्त भुगतान की वसूली की प्रक्रिया पर भी विचार किया जा रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह मामला सरकारी वित्तीय प्रबंधन में तकनीकी निगरानी की आवश्यकता को उजागर करता है। एआई आधारित सिस्टम की मदद से ऐसे मामलों को समय रहते रोका जा सकता है, जिससे बड़े पैमाने पर वित्तीय नुकसान से बचा जा सके।
फिलहाल सरकार ने संबंधित विभागों को सभी सेवा रिकॉर्ड को अपडेट करने और डिजिटल सिस्टम को और मजबूत बनाने के निर्देश दिए हैं। इस खुलासे के बाद प्रशासनिक स्तर पर सुधारात्मक कदम उठाए जाने की संभावना जताई जा रही है।
