लाडो प्रोत्साहन योजना: प्रसूताओं की आर्थिक सहायता अटकी, वेरिफिकेशन में देरी से भुगतान प्रभावित
जिले में लाडो प्रोत्साहन योजना के तहत प्रसूताओं को मिलने वाली आर्थिक सहायता समय पर जारी नहीं हो पा रही है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) स्तर पर मॉनिटरिंग कमजोर रहने और वेरिफिकेशन प्रक्रिया समय पर पूरी नहीं होने के कारण लाभार्थियों को भुगतान में देरी हो रही है।
योजना के तहत बालिका जन्म को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से प्रसूताओं को आर्थिक सहायता दी जाती है, लेकिन प्रशासनिक स्तर पर देरी के चलते कई लाभार्थी समय पर लाभ से वंचित रह गए हैं। अधिकारियों के अनुसार, आवश्यक दस्तावेजों का सत्यापन समय पर नहीं हो पाने से फाइलें लंबित पड़ी हुई हैं, जिसका सीधा असर भुगतान प्रक्रिया पर पड़ा है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, अप्रैल 2025 से मार्च 2026 तक जिले में 10,460 बालिका जन्म (संस्थागत प्रसव) दर्ज किए गए हैं। इन मामलों से जुड़ी कई फाइलें अभी भी वेरिफिकेशन और अप्रूवल की प्रक्रिया में अटकी हुई हैं।
स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों का कहना है कि कई स्तरों पर समन्वय की कमी और तकनीकी प्रक्रियाओं में देरी इस समस्या का मुख्य कारण है। समय पर मॉनिटरिंग नहीं होने से लाभार्थियों को योजना का लाभ मिलने में बाधा उत्पन्न हो रही है।
स्थानीय स्तर पर इस देरी को लेकर लाभार्थियों में नाराजगी देखी जा रही है। उनका कहना है कि योजना का उद्देश्य आर्थिक सहायता देना है, लेकिन समय पर भुगतान न होने से उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
वहीं, प्रशासन का कहना है कि लंबित मामलों को तेजी से निपटाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं और वेरिफिकेशन प्रक्रिया को जल्द पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों का दावा है कि जल्द ही सभी पात्र लाभार्थियों को भुगतान जारी कर दिया जाएगा।
फिलहाल यह मामला प्रशासनिक कार्यप्रणाली और मॉनिटरिंग व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहा है और सुधार की आवश्यकता को उजागर करता है।
