नौतपा की शुरुआत के साथ राजस्थान में गर्मी का कहर: पहले दिन ही पारा 46.8 डिग्री पहुंचा
राजस्थान समेत उत्तर भारत के कई हिस्सों में सोमवार से नौतपा की शुरुआत हो गई है। यह नौ दिन का विशेष काल 2 जून तक रहेगा और इस दौरान भीषण गर्मी पड़ने की संभावना जताई जा रही है। सूर्य देव के रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करते ही गर्मी ने अपने तीखे तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। रोहिणी नक्षत्र को सबसे अधिक ताप देने वाला नक्षत्र माना जाता है और इसका असर नौतपा के पहले ही दिन साफ दिखाई दिया।
सोमवार को प्रदेश के कई इलाकों में तेज धूप और लू ने लोगों को बेहाल कर दिया। दोपहर के समय सड़कें सूनी नजर आईं और लोग गर्मी से बचने के लिए घरों में कैद रहे। मौसम विभाग के अनुसार पहले दिन अधिकतम तापमान 46.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जिसने लोगों की परेशानी और बढ़ा दी।
सुबह से ही तेज धूप का असर महसूस होने लगा था। जैसे-जैसे दिन चढ़ा, गर्म हवाओं और तपती धूप ने हालात और कठिन बना दिए। गर्मी इतनी अधिक रही कि बाहर निकलना लोगों के लिए चुनौती बन गया। बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर सामान्य दिनों की तुलना में कम भीड़ दिखाई दी।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि नौतपा के दौरान सूर्य की किरणें सीधे धरती पर पड़ती हैं, जिससे तापमान में तेजी से वृद्धि होती है। यही वजह है कि इस अवधि को साल के सबसे गर्म दिनों में गिना जाता है। विशेषज्ञों ने आने वाले दिनों में तापमान और बढ़ने की संभावना जताई है।
भीषण गर्मी का असर आम जनजीवन के साथ-साथ बिजली और पानी की मांग पर भी पड़ रहा है। शहरों में बिजली की खपत तेजी से बढ़ रही है, जबकि कई क्षेत्रों में पानी की समस्या भी गहराने लगी है। अस्पतालों में हीट स्ट्रोक, डिहाइड्रेशन और गर्मी से जुड़ी बीमारियों के मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है।
डॉक्टरों ने लोगों को दोपहर के समय घर से बाहर निकलने से बचने, पर्याप्त पानी पीने और हल्के कपड़े पहनने की सलाह दी है। बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी बरतने के लिए कहा गया है।
मौसम विभाग के अनुसार अगले कुछ दिनों तक प्रदेश में लू का असर बना रहेगा और तापमान में और बढ़ोतरी हो सकती है। नौतपा की शुरुआत ने साफ संकेत दे दिए हैं कि आने वाले दिन लोगों के लिए और अधिक कठिन हो सकते हैं। ऐसे में प्रशासन ने भी लोगों से सतर्क रहने और गर्मी से बचाव के उपाय अपनाने की अपील की है।
