डिजिटल अरेस्ट कर 66 लाख ठगी मामले में पांचवां आरोपी गिरफ्तार, यूपी से पकड़ा गया सुनील उर्फ तन्नू
रिटायर्ड शिक्षा अधिकारी को 165 दिन तक डिजिटल अरेस्ट रखकर 66 लाख रुपए ठगने के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पांचवें आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी को उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले के बिलारी गांव से पकड़ा है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान सुनील उर्फ तन्नू के रूप में हुई है।
जानकारी के अनुसार, साइबर ठगों ने रिटायर्ड शिक्षा अधिकारी को लंबे समय तक डिजिटल अरेस्ट कर रखा था। आरोपियों ने खुद को जांच एजेंसियों का अधिकारी बताकर पीड़ित को डराया और अलग-अलग बहानों से उनसे लाखों रुपए की ठगी कर ली।
पीड़ित को 165 दिनों तक मानसिक दबाव में रखा गया और मामले की जांच के नाम पर उससे 66 लाख रुपए ट्रांसफर करवाए गए। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने साइबर ठगी के इस मामले की जांच शुरू की थी।
जांच के दौरान पुलिस ने अब तक इस गिरोह से जुड़े पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस की टीम ने तकनीकी जांच और मिले सुरागों के आधार पर सुनील उर्फ तन्नू तक पहुंच बनाई और उसे मुरादाबाद से गिरफ्तार किया।
पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है। पूछताछ में ठगी के नेटवर्क, बैंक खातों, पैसों के लेन-देन और गिरोह में शामिल अन्य लोगों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस को आशंका है कि आरोपी से पूछताछ के बाद साइबर ठगी से जुड़े कई और मामलों का खुलासा हो सकता है।
साइबर अपराधियों द्वारा अपनाए जा रहे डिजिटल अरेस्ट के तरीके को लेकर पुलिस लगातार लोगों को जागरूक कर रही है। पुलिस का कहना है कि किसी भी जांच एजेंसी की ओर से फोन या वीडियो कॉल पर डराकर पैसे की मांग नहीं की जाती है।
अधिकारियों ने आम लोगों से अपील की है कि अनजान कॉल, वीडियो कॉल या मैसेज पर भरोसा न करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें। फिलहाल गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ जारी है और मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है।
