भरतपुर में पेयजल संकट: गंदे पानी के साथ आने लगीं मछलियां, ग्रामीणों ने प्रशासन से लगाई गुहार
जिले के कई ग्रामीण इलाकों में पेयजल समस्या लगातार बढ़ती जा रही है। गंदे पानी की समस्या से परेशान लोगों की मुश्किलें अब और बढ़ गई हैं, क्योंकि पानी में मछलियां आने की शिकायत सामने आई है। दूषित पानी की सप्लाई के कारण ग्रामीणों को पीने के पानी के लिए परेशान होना पड़ रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि पिछले काफी समय से नलों में गंदा पानी आ रहा है। अब स्थिति यह हो गई है कि पानी के साथ छोटी-छोटी मछलियां भी निकल रही हैं। ऐसे में लोग इस पानी का इस्तेमाल करने से डर रहे हैं और पीने के पानी के लिए दूसरे साधनों पर निर्भर होना पड़ रहा है।
शिकायतों के बावजूद नहीं हुआ समाधान
ग्रामीणों ने बताया कि इस समस्या को लेकर कई बार प्रशासन और संबंधित विभाग के अधिकारियों को शिकायत की जा चुकी है, लेकिन अभी तक स्थायी समाधान नहीं निकला है। लोगों का आरोप है कि दूषित पानी की सप्लाई के कारण बीमारियों का खतरा भी बढ़ रहा है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द पाइपलाइन और जल स्रोतों की जांच कराई जाए और साफ पेयजल की व्यवस्था की जाए।
स्वास्थ्य को लेकर बढ़ी चिंता
गंदे पानी के सेवन से लोगों में पेट संबंधी बीमारियों और संक्रमण का खतरा बना रहता है। ग्रामीणों का कहना है कि मजबूरी में कई लोग इसी पानी का उपयोग कर रहे हैं, जिससे स्वास्थ्य पर असर पड़ सकता है।
स्थानीय लोगों ने जलदाय विभाग से पानी की गुणवत्ता की जांच कराने और प्रभावित क्षेत्रों में वैकल्पिक पेयजल व्यवस्था उपलब्ध कराने की मांग की है।
प्रशासन से कार्रवाई की उम्मीद
ग्रामीणों का कहना है कि समस्या लंबे समय से बनी हुई है, लेकिन अब पानी में मछलियां आने की घटना के बाद स्थिति गंभीर हो गई है। लोगों ने प्रशासन से जल्द कार्रवाई कर राहत पहुंचाने की अपील की है।
फिलहाल ग्रामीणों की नजरें प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हैं। लोगों को उम्मीद है कि जल्द ही दूषित पानी की समस्या का समाधान होगा और उन्हें स्वच्छ पेयजल मिल सकेगा।
