राजस्थान में अपराधों में गिरावट, 2025 में FIR में 8.4% की कमी दर्ज
राजस्थान में वर्ष 2025 में अपराधों की संख्या में 2024 की तुलना में महत्वपूर्ण गिरावट दर्ज की गई है। पुलिस विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2024 में कुल 2.97 लाख से अधिक मामले दर्ज किए गए थे, जबकि वर्ष 2025 में यह संख्या घटकर 2.72 लाख के लगभग रह गई, जिससे FIR में 8.4 प्रतिशत की कमी आई है।
पुलिस विभाग ने बताया कि इस गिरावट का मुख्य कारण अपराध नियंत्रण के लिए अपनाई गई नई रणनीतियां और आधुनिक तकनीकों का उपयोग है। अधिकारियों ने कहा कि पूरे प्रदेश में पुलिस ने अपराध रोकथाम, जांच प्रक्रिया और नागरिक सुरक्षा में सुधार के लिए प्रभावी कदम उठाए हैं।
राजस्थान पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में अपराध नियंत्रण के लिए निगरानी बढ़ाई गई है। 24 घंटे पुलिस चौकियों और मोबाइल पेट्रोलिंग के माध्यम से अपराधों पर नजर रखी गई। इसके साथ ही पुलिस ने तकनीकी साधनों का भी व्यापक उपयोग किया, जिसमें सीसीटीवी कैमरे, ड्रोन्स और स्मार्ट ट्रैकिंग तकनीक शामिल हैं।
आंकड़ों के अनुसार, चोरी, लूट और वाहन-related अपराधों में सबसे अधिक कमी देखी गई। इसके अलावा, महिला और बच्चों से जुड़े अपराधों की रोकथाम पर विशेष ध्यान दिया गया। पुलिस विभाग ने बताया कि नागरिकों को जागरूक करने के लिए समाजिक अभियान, स्कूल और कॉलेजों में सुरक्षा कार्यशालाएं आयोजित की गईं।
ग्रामीण क्षेत्र में भी पुलिस ने अपराध नियंत्रण के लिए प्रभावी रणनीति अपनाई। ग्रामीण एसपी ने बताया कि कोटा ग्रामीण पुलिस ने वर्ष 2025 में पूरे प्रदेश में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। केस निपटारे और मुकदमा समाधान में कोटा ग्रामीण पुलिस ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। पेंडेंसी महज 2.87 प्रतिशत रही, जो पिछले 10 वर्षों में किसी जिले के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
विशेषज्ञों का कहना है कि FIR में गिरावट केवल संख्या में ही नहीं, बल्कि नागरिकों में सुरक्षा और पुलिस पर विश्वास बढ़ाने का संकेत भी है। पुलिस ने कहा कि अपराधों में गिरावट के बावजूद सतर्कता बरतने की आवश्यकता है। उन्होंने आम जनता से अपील की कि वह किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।
पुलिस विभाग ने यह भी बताया कि अपराध नियंत्रण में तकनीकी साधनों के अलावा समुदाय की भागीदारी ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। “कम्युनिटी पुलिसिंग” के तहत स्थानीय लोगों को अपनी कॉलोनियों और क्षेत्रों की सुरक्षा में शामिल किया गया। इस पहल से अपराध की घटनाओं में कमी आई और सुरक्षा का माहौल बेहतर हुआ।
राज्य सरकार ने इस उपलब्धि को पुलिस की मेहनत और रणनीतिक कदमों का परिणाम बताया। अधिकारियों ने कहा कि आने वाले वर्षों में और अधिक सुधार और तकनीकी उपायों के जरिए अपराध नियंत्रण को और मजबूत किया जाएगा।
अंत में, पुलिस विभाग ने आश्वस्त किया कि प्रदेश में जनता की सुरक्षा सर्वोपरि है और सभी नागरिकों के लिए सुरक्षित माहौल सुनिश्चित करने के लिए लगातार प्रयास जारी रहेंगे। इस उपलब्धि ने राजस्थान पुलिस की कार्यप्रणाली और आधुनिक तकनीकों के इस्तेमाल की क्षमता को उजागर किया है।
