रूपवास में कांग्रेस को नहीं मिले प्रत्याशी, 25 में सिर्फ 9 वार्डों में उतारे उम्मीदवार; पिछली बार BJP का पूरा बोर्ड कांग्रेस में हुआ था शामिल
रूपवास नगर पालिका चुनाव में कांग्रेस की स्थिति इस बार कमजोर नजर आ रही है। पार्टी को 25 वार्डों वाली नगर पालिका में सिर्फ 9 वार्डों के लिए प्रत्याशी मिल सके हैं। कांग्रेस ने इन 9 वार्डों में अपने उम्मीदवार उतारे हैं, जबकि 16 वार्डों में पार्टी ने टिकट नहीं दिया। नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद सामने आई यह तस्वीर स्थानीय राजनीति में चर्चा का विषय बनी हुई है।खास बात यह है कि पिछली बार रूपवास में भाजपा के टिकट पर चुनाव जीतकर नगर पालिका में बोर्ड बनाने वाले सभी पार्षद बाद में कांग्रेस में शामिल हो गए थे। इसके बावजूद इस बार कांग्रेस को अधिकांश वार्डों में उम्मीदवार नहीं मिलना पार्टी के लिए बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है।
25 में सिर्फ 9 वार्डों में कांग्रेस प्रत्याशी
रूपवास नगर पालिका में कुल 25 वार्ड हैं। इस बार कांग्रेस ने इनमें से सिर्फ 9 वार्डों में अपने अधिकृत प्रत्याशी उतारे हैं। बाकी 16 वार्डों में पार्टी की ओर से कोई उम्मीदवार नहीं है।चुनाव के लिहाज से यह स्थिति कांग्रेस के लिए चुनौतीपूर्ण है। जिन वार्डों में पार्टी ने प्रत्याशी नहीं उतारे हैं, वहां भाजपा के साथ निर्दलीय और अन्य उम्मीदवारों के बीच मुकाबला होगा। ऐसे में कांग्रेस के लिए नगर पालिका में मजबूत उपस्थिति दर्ज कराना मुश्किल हो सकता है।
पिछली बार बदला था पूरा राजनीतिक समीकरण
रूपवास की राजनीति में पिछला नगर पालिका चुनाव खासा चर्चा में रहा था। पिछली बार भाजपा के टिकट पर चुनाव जीतकर बोर्ड बनाने वाले पार्षद बाद में कांग्रेस में शामिल हो गए थे। इसके चलते नगर पालिका की राजनीति में बड़ा बदलाव आया था और भाजपा का पूरा बोर्ड कांग्रेस के साथ आ गया था।ऐसे राजनीतिक घटनाक्रम के बाद उम्मीद थी कि कांग्रेस इस बार नगर पालिका चुनाव में मजबूत तैयारी के साथ उतरेगी। लेकिन नामांकन के बाद सामने आई स्थिति ने इन उम्मीदों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
कांग्रेस के सामने संगठन मजबूत करने की चुनौती
16 वार्डों में प्रत्याशी नहीं उतार पाना कांग्रेस के स्थानीय संगठन के लिए भी चुनौती माना जा रहा है। नगर पालिका चुनाव में वार्ड स्तर पर सक्रिय कार्यकर्ताओं और मजबूत स्थानीय चेहरों की भूमिका सबसे अहम होती है। प्रत्याशी नहीं होने से पार्टी को संबंधित वार्ड में चुनावी गतिविधियों और प्रचार में नुकसान हो सकता है।वहीं, जिन 9 वार्डों में कांग्रेस ने उम्मीदवार उतारे हैं, वहां पार्टी के प्रत्याशी अपने स्तर पर प्रचार अभियान को गति देने में जुटेंगे। अब इन उम्मीदवारों की जीत कांग्रेस के लिए खास महत्व रखेगी।
नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब चुनावी मुकाबले की तस्वीर साफ हो गई है। रूपवास में भाजपा और निर्दलीय प्रत्याशियों की स्थिति के बीच कांग्रेस के सिर्फ 9 वार्डों में मैदान में होने से मुकाबला दिलचस्प हो गया है। अब देखना होगा कि कांग्रेस अपने सीमित प्रत्याशियों के दम पर कितनी सीटें जीत पाती है और क्या पिछली बार बदला राजनीतिक समीकरण इस बार भी कोई नया मोड़ लेता है।
