सुजान गंगा नहर में नाव पलटी, 6 लोग डूबने लगे, रेस्क्यू में सभी सुरक्षित
भरतपुर जिले में सुजान गंगा नहर में एक डरावनी घटना सामने आई, जब लोगों से भरी नाव अचानक पलट गई। घटना में 6 लोग डूबने लगे, लेकिन एसडीआरएफ, सिविल डिफेंस और पुलिस की त्वरित कार्रवाई से सभी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, यह हादसा उस समय हुआ जब नाव में स्थानीय लोग घूमने और नहर की सुंदरता का आनंद लेने निकले थे। नाव में लोगों की संख्या अपेक्षाकृत अधिक थी, जिससे संतुलन बिगड़ गया और नाव पलट गई। डूबने की आवाज सुनकर आसपास के लोग और अधिकारियों को तुरंत सूचना दी गई।
सूचना मिलते ही एसडीआरएफ (राजस्थान आपदा प्रतिक्रिया बल), सिविल डिफेंस और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। टीम ने तत्काल रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया और पानी में फंसे सभी छह लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। रेस्क्यू ऑपरेशन में गोताखोर और सुरक्षा उपकरणों का इस्तेमाल किया गया।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि सभी घायल लोगों की प्राथमिक स्वास्थ्य जांच की गई और किसी की स्थिति गंभीर नहीं है। अधिकारियों ने यह भी बताया कि नाव में सवार लोगों की संख्या निर्धारित सीमा से अधिक थी, जिससे यह हादसा हुआ।
स्थानीय प्रशासन ने इस घटना के बाद चेतावनी जारी की है कि नहर में नाव या किसी भी जल गतिविधि में अधिक लोगों को एक साथ नहीं बिठाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सुरक्षा उपकरण जैसे लाइफ जैकेट और स्टीयरिंग गाइड का इस्तेमाल अनिवार्य रूप से किया जाना चाहिए।
विशेषज्ञों का कहना है कि नहर और जलाशयों में इस तरह की घटनाएं अक्सर होती हैं, खासकर तब जब सुरक्षा नियमों की अनदेखी की जाती है। उन्होंने लोगों से अपील की कि पानी में जाने से पहले सुरक्षा का पूरा ध्यान रखें और बच्चों को अकेले जलाशयों या नहर के पास न जाने दें।
स्थानीय लोगों ने अधिकारियों की त्वरित कार्रवाई की सराहना की और कहा कि यदि रेस्क्यू टीम समय पर नहीं पहुंचती, तो यह हादसा बड़ा रूप ले सकता था। उन्होंने भविष्य में इस तरह के इलाकों में नियमित निगरानी और सुरक्षा उपाय बढ़ाने की मांग की।
एसडीआरएफ और पुलिस की टीम ने बताया कि नहर और आसपास के जल क्षेत्रों में नियमित प्रशिक्षण और रेस्क्यू अभ्यास किए जाते हैं, ताकि इस तरह की घटनाओं में तुरंत कार्रवाई की जा सके। यह घटना इस बात का उदाहरण है कि प्रशिक्षित टीम और त्वरित प्रतिक्रिया कितनी महत्वपूर्ण होती है।
भरतपुर की यह घटना यात्रियों और स्थानीय लोगों के लिए चेतावनी भी है कि जल क्षेत्रों में सुरक्षा नियमों का पालन अनिवार्य है। प्रशासन और नागरिकों के सहयोग से ही भविष्य में इस तरह की दुर्घटनाओं को रोका जा सकता है।
