भाजपा की अनुराधा सिंह ने भरा नामांकन, वार्ड 17 की पार्षद विचित्रा सिंह भी रेस में; 36 निर्दलीयों से बनेगा चुनावी गणित
मेयर पद के चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। भारतीय जनता पार्टी की ओर से अनुराधा सिंह ने नामांकन दाखिल कर दिया है। इसके साथ ही वार्ड नंबर 17 की पार्षद विचित्रा सिंह का नाम भी मेयर पद के दावेदारों में सामने आया है। दोनों नामों के बीच चल रही चर्चा के बीच अब चुनावी गणित को लेकर भी हलचल बढ़ गई है।
अनुराधा सिंह ने भाजपा प्रत्याशी के तौर पर अपना नामांकन दाखिल कर दिया है। नामांकन के बाद उनके समर्थकों और पार्टी कार्यकर्ताओं में सक्रियता बढ़ गई है। वहीं वार्ड 17 की पार्षद विचित्रा सिंह भी मेयर पद की रेस में बताई जा रही हैं। ऐसे में मेयर चुनाव को लेकर भाजपा के भीतर भी राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं।
इस चुनाव में 36 निर्दलीय पार्षदों की भूमिका महत्वपूर्ण मानी जा रही है। निर्दलीय पार्षदों के समर्थन से मेयर पद के चुनाव का समीकरण प्रभावित हो सकता है। यही वजह है कि अलग-अलग राजनीतिक दलों और प्रत्याशियों की नजर निर्दलीय पार्षदों के रुख पर बनी हुई है।
मेयर पद के चुनाव में केवल प्रमुख दलों के प्रत्याशियों की स्थिति ही महत्वपूर्ण नहीं होगी, बल्कि निर्दलीय पार्षदों का समर्थन भी चुनावी गणित में अहम भूमिका निभा सकता है। 36 निर्दलीय पार्षदों के रुख से मतदान के दौरान समर्थन का आंकड़ा प्रभावित हो सकता है।
अनुराधा सिंह के नामांकन दाखिल करने के बाद अब चुनावी प्रक्रिया आगे बढ़ गई है। वहीं विचित्रा सिंह के नाम की चर्चा के चलते मेयर पद को लेकर राजनीतिक हलकों में गतिविधियां जारी हैं। आने वाले समय में यह स्पष्ट होगा कि अंतिम रूप से कौन-कौन प्रत्याशी मैदान में रहते हैं और किन पार्षदों का समर्थन किस उम्मीदवार को मिलता है।
निर्दलीय पार्षदों को लेकर भी अलग-अलग दलों की रणनीति पर नजर रहेगी। चुनाव में बहुमत के लिए जरूरी समर्थन जुटाना सभी पक्षों के लिए महत्वपूर्ण होगा। ऐसे में 36 निर्दलीय पार्षदों का रुख चुनाव परिणाम को लेकर समीकरण बनाने में अहम हो सकता है।
फिलहाल भाजपा की अनुराधा सिंह ने नामांकन दाखिल कर दिया है, जबकि वार्ड 17 की पार्षद विचित्रा सिंह भी दावेदारों में बताई जा रही हैं। अब नामांकन प्रक्रिया पूरी होने और पार्षदों के समर्थन की स्थिति स्पष्ट होने के बाद मेयर चुनाव का गणित सामने आएगा।
