भाजपा प्रदेश प्रवक्ता की पत्नी को टिकट, महिला मोर्चा की प्रदेश मंत्री और पूर्व डिप्टी मेयर की पत्नी भी मैदान में
राजस्थान में नगर निकाय चुनाव को लेकर भाजपा ने प्रत्याशियों के नामों का ऐलान कर दिया है। टिकट वितरण में पार्टी ने महिला उम्मीदवारों को भी खास तवज्जो दी है। भाजपा के प्रत्याशियों में प्रदेश स्तर के नेताओं के परिवारों से जुड़ी महिलाओं को भी चुनावी मैदान में उतारा गया है। इनमें भाजपा प्रदेश प्रवक्ता की पत्नी, महिला मोर्चा की प्रदेश मंत्री और पूर्व डिप्टी मेयर की पत्नी शामिल हैं।
टिकट वितरण के बाद भाजपा के भीतर चुनावी गतिविधियां तेज हो गई हैं। पार्टी ने कई वार्डों में संगठन से जुड़े अनुभवी कार्यकर्ताओं को मौका दिया है, वहीं कुछ सीटों पर राजनीतिक परिवारों से आने वाली महिलाओं को उम्मीदवार बनाकर चुनावी समीकरण साधने की कोशिश की है।
प्रदेश प्रवक्ता की पत्नी को मिला टिकट
भाजपा ने अपने प्रदेश प्रवक्ता की पत्नी को नगर निकाय चुनाव में प्रत्याशी बनाया है। पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारी और संगठन से जुड़े नेताओं के परिवार के सदस्यों को चुनाव मैदान में उतारने की रणनीति को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा शुरू हो गई है।
महिला प्रत्याशी के चुनावी मैदान में उतरने से संबंधित वार्ड में मुकाबला दिलचस्प होने की उम्मीद है। पार्टी को उनके परिवार के राजनीतिक अनुभव और स्थानीय संपर्कों का लाभ मिलने की संभावना है।
महिला मोर्चा की प्रदेश मंत्री भी उम्मीदवार
भाजपा ने महिला मोर्चा की प्रदेश मंत्री को भी टिकट देकर चुनाव मैदान में उतारा है। संगठन में प्रदेश स्तर पर सक्रिय रहने वाली महिला नेता के पास राजनीतिक और संगठनात्मक अनुभव है। ऐसे में पार्टी को उम्मीद है कि वह अपने वार्ड में मजबूत प्रदर्शन करेंगी।
महिला मोर्चा में सक्रिय नेताओं को चुनावी राजनीति में मौका देने से भाजपा की महिला कार्यकर्ताओं के बीच भी उत्साह बढ़ने की संभावना है।
पूर्व डिप्टी मेयर की पत्नी भी मैदान में
भाजपा की सूची में पूर्व डिप्टी मेयर की पत्नी का नाम भी शामिल है। उन्हें नगर निकाय चुनाव में उम्मीदवार बनाया गया है। पूर्व डिप्टी मेयर का स्थानीय राजनीति में अनुभव और जनसंपर्क उनकी पत्नी के चुनाव प्रचार में मददगार हो सकता है।
इस तरह भाजपा की सूची में महिला कार्यकर्ताओं के साथ-साथ राजनीतिक परिवारों से जुड़ी महिलाओं को भी प्रतिनिधित्व मिला है।
महिला उम्मीदवारों पर भाजपा का फोकस
नगर निकाय चुनाव में महिला उम्मीदवारों की भूमिका पहले से ही महत्वपूर्ण है। आरक्षित महिला सीटों के अलावा कई सामान्य वार्डों में भी पार्टियां महिला प्रत्याशियों को मैदान में उतार रही हैं। भाजपा की सूची से भी संकेत मिलता है कि पार्टी ने महिला नेतृत्व को आगे बढ़ाने के साथ-साथ मजबूत राजनीतिक परिवारों के प्रभाव का चुनावी लाभ लेने की रणनीति अपनाई है।
अब नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद उम्मीदवार अपने-अपने वार्डों में प्रचार अभियान तेज करेंगे। टिकट मिलने के बाद भाजपा के सभी प्रत्याशियों के सामने संगठन के समर्थन को वोट में बदलने की चुनौती होगी।
चुनाव परिणाम के बाद यह साफ होगा कि भाजपा की यह रणनीति कितनी सफल रहती है और प्रदेश स्तर के नेताओं के परिवारों से जुड़ी महिला प्रत्याशी मतदाताओं का कितना भरोसा जीत पाती हैं।
