Aapka Rajasthan

भरतपुर में 14 जनवरी से 13 फरवरी तक मनाया जा रहा पशुपालन एवं पशु कल्याण जागरूकता माह

 
भरतपुर में 14 जनवरी से 13 फरवरी तक मनाया जा रहा पशुपालन एवं पशु कल्याण जागरूकता माह

राज्य सरकार के निर्देशानुसार भरतपुर जिले में 14 जनवरी से 13 फरवरी तक पशुपालन एवं पशु कल्याण जागरूकता माह मनाया जा रहा है। इसको लेकर संयुक्त निदेशक पशुपालन विभाग, भरतपुर ने जिलेभर के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को विस्तृत कार्ययोजना के साथ आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। जागरूकता माह के दौरान पशुपालकों को पशुओं के संरक्षण, स्वास्थ्य और कल्याण से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां दी जाएंगी।

संयुक्त निदेशक पशुपालन विभाग की ओर से जारी आदेशों के अनुसार जागरूकता माह के दौरान जिले के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष शिविर, गोष्ठियां और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों के माध्यम से पशुपालकों को पशुओं के टीकाकरण, संतुलित आहार, स्वच्छता, रोगों से बचाव और समय पर उपचार के महत्व के बारे में बताया जाएगा। इसके साथ ही पशु क्रूरता रोकथाम और पशु कल्याण कानूनों की जानकारी भी आमजन तक पहुंचाई जाएगी।

अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्र में पशुपालकों से सीधा संवाद स्थापित करें और उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुनें। जागरूकता माह के दौरान पशु चिकित्सा शिविर लगाकर पशुओं का स्वास्थ्य परीक्षण, उपचार और टीकाकरण किया जाएगा। साथ ही दुधारू पशुओं की उत्पादकता बढ़ाने, कृत्रिम गर्भाधान, नस्ल सुधार और पशु बीमा योजनाओं की जानकारी भी दी जाएगी।

कार्ययोजना के तहत स्कूलों, पंचायत भवनों और सार्वजनिक स्थानों पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि बच्चों और युवाओं में भी पशु कल्याण के प्रति संवेदनशीलता विकसित हो सके। पशुपालन विभाग के कर्मचारी गांव-गांव जाकर पोस्टर, पंपलेट और संवाद के माध्यम से लोगों को जागरूक करेंगे। विशेष रूप से निराश्रित, बीमार और घायल पशुओं की देखभाल को लेकर आमजन को प्रेरित किया जाएगा।

संयुक्त निदेशक ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए हैं कि जागरूकता माह के दौरान किए गए कार्यों की नियमित रिपोर्ट तैयार कर विभाग को भेजी जाए। कार्यक्रमों में स्थानीय जनप्रतिनिधियों, पशुपालक संगठनों और स्वयंसेवी संस्थाओं की सहभागिता सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया है।

पशुपालन एवं पशु कल्याण जागरूकता माह का उद्देश्य केवल सरकारी योजनाओं का प्रचार करना नहीं, बल्कि पशुओं के प्रति मानवीय दृष्टिकोण विकसित करना भी है। विभाग का मानना है कि जागरूकता के जरिए ही पशुओं की बेहतर देखभाल, उत्पादन में वृद्धि और पशुपालकों की आर्थिक स्थिति में सुधार संभव है। भरतपुर जिले में यह अभियान पशुपालकों के लिए लाभकारी साबित होने की उम्मीद जताई जा रही है।