ईरान-अमेरिका तनाव के बीच एलपीजी और ईंधन संकट की आशंका, राजस्थान में आपूर्ति पर असर नहीं
ईरान-अमेरिका तनाव के शुरुआती दौर में अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और एलपीजी की आपूर्ति को लेकर बनी अनिश्चितता के चलते कई जगहों पर पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की किल्लत की स्थिति सामने आई थी। इस दौरान कुछ क्षेत्रों में लोगों को गैस सिलेंडर के लिए लंबी कतारों में लगना पड़ा और बुकिंग व्यवस्था भी प्रभावित होने की खबरें आई थीं।
हालांकि, इस वैश्विक तनाव का असर राजस्थान के अधिकांश हिस्सों में अपेक्षाकृत सीमित रहा है। जानकारी के अनुसार राज्य के लगभग 80 हजार से अधिक घरों में एलपीजी आपूर्ति सामान्य रूप से जारी रही और लोगों को किसी बड़े संकट का सामना नहीं करना पड़ा।
तेल कंपनियों और वितरण एजेंसियों के अनुसार, राज्य में गैस और पेट्रोल-डीजल की सप्लाई चेन को लगातार मॉनिटर किया गया, जिससे आपूर्ति व्यवस्था में कोई बड़ा व्यवधान नहीं आया। नियमित भंडारण और समय पर डिलीवरी के कारण उपभोक्ताओं को राहत मिली रही।
विशेषज्ञों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव का सीधा असर घरेलू बाजार पर पड़ सकता है, लेकिन भारत में मजबूत सप्लाई नेटवर्क और रणनीतिक भंडारण व्यवस्था के कारण स्थिति को काफी हद तक नियंत्रित रखा गया।
स्थानीय स्तर पर उपभोक्ताओं ने बताया कि शुरुआती दिनों में कुछ अफवाहों के कारण गैस बुकिंग को लेकर चिंता जरूर बढ़ी थी, लेकिन बाद में सप्लाई सामान्य रहने से स्थिति सामान्य हो गई। कई स्थानों पर प्रशासन ने भी लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की थी।
सरकारी और तेल विपणन कंपनियों ने स्पष्ट किया है कि आवश्यक ईंधन और रसोई गैस की उपलब्धता पर्याप्त मात्रा में है और किसी तरह की घबराहट की आवश्यकता नहीं है। साथ ही आपूर्ति व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए निगरानी तंत्र को और मजबूत किया गया है।
फिलहाल राज्य में स्थिति सामान्य बनी हुई है और लोगों को बिना किसी बाधा के एलपीजी और पेट्रोल-डीजल की आपूर्ति मिल रही है।
