12 साल बाद जिंदा मिला परिवार का खोया सदस्य, जिसे मृत समझकर कर दिया था पिंडदान; भरतपुर के अपना घर आश्रम में हुआ भावुक मिलन
कहते हैं कि उम्मीद कभी खत्म नहीं होती। ऐसा ही एक भावुक कर देने वाला मामला भरतपुर से सामने आया है, जहां जिस व्यक्ति को परिवार ने 12 साल पहले मृत मान लिया था और उसका पिंडदान तक कर दिया था, वह अचानक जीवित मिल गया। पत्नी खुद को विधवा मानकर जिंदगी गुजार रही थी, लेकिन जब वह व्यक्ति भरतपुर के अपना घर आश्रम में मिला तो परिवार की खुशियों का ठिकाना नहीं रहा।
12 साल बाद हुए इस मिलन का दृश्य बेहद भावुक था। पत्नी, बेटे और भाई ने जब अपने खोए हुए परिजन को सामने देखा तो उनकी आंखों से आंसू छलक पड़े। सभी एक-दूसरे के गले लगकर रोने लगे। पत्नी समेत परिवार के सदस्यों ने भावुक होकर उसके पैर छुए।
मृत समझकर कर दिया था अंतिम संस्कार
जानकारी के अनुसार, परिवार का यह सदस्य कई साल पहले अचानक लापता हो गया था। लंबे समय तक कोई जानकारी नहीं मिलने के बाद परिजनों ने उसे मृत मान लिया था। परिवार ने सामाजिक रीति-रिवाजों के अनुसार उसका पिंडदान भी कर दिया था।
पत्नी ने भी पति के लौटने की उम्मीद छोड़ दी थी और विधवा की तरह जीवन बिता रही थी। बेटे और अन्य परिजन भी वर्षों से अपने पिता और परिवार के सदस्य को खोया हुआ मान चुके थे।
अपना घर आश्रम में मिली जिंदगी की नई उम्मीद
समय बीतने के बाद परिवार को सूचना मिली कि उनका लापता सदस्य भरतपुर स्थित अपना घर आश्रम में है। जानकारी मिलते ही परिजन तुरंत वहां पहुंचे।
जैसे ही उन्होंने अपने सामने उसे देखा, उनकी खुशी का कोई ठिकाना नहीं रहा। वर्षों का इंतजार कुछ ही पलों में खत्म हो गया। परिवार और उस व्यक्ति के बीच भावनाओं का ऐसा सैलाब उमड़ा कि वहां मौजूद लोग भी भावुक हो गए।
पहचान होते ही छलक पड़े आंसू
परिवार के सदस्यों ने उसे देखते ही पहचान लिया। बेटे और भाई ने उसे गले लगा लिया। पत्नी अपने पति को सामने देखकर भावुक हो गई और रोने लगी। लंबे समय बाद परिवार को अपना सदस्य वापस मिला था।
इस दौरान परिवार के लोगों ने अपना प्यार और सम्मान जताते हुए उसके पैर छुए और उसका स्वागत किया।
अपना घर आश्रम की पहल से हुआ मिलन
ऐसे कई बेसहारा और बिछड़े हुए लोगों को अपना घर आश्रम में सहारा मिलता है। आश्रम की मदद से समय-समय पर कई परिवार वर्षों बाद अपने बिछड़े सदस्यों से मिल चुके हैं।
यह घटना भी उसी प्रयास का परिणाम है, जिसने एक परिवार को 12 साल बाद फिर से खुशियां लौटा दीं। लंबे इंतजार, दर्द और उम्मीद के बाद परिवार के लिए यह पल जिंदगी भर याद रहने वाला बन गया।
