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Bharatpur में बरसा 3 इंच पानी, सरकुलर रोड के बाहर की 40 से ज्यादा कॉलोनियों के रास्ते जलमग्न, मकान ढहा
 

भरतपुर न्यूज़ डेस्क, अजान बांध में आया पानी, गेज 6.5 फीट, अब केवलादेव को मिल सकता है
विदाई की बेला में मानसून ने पिछले दो दिन यानि क्वार के महीने में सावन जैसी झड़ी लगा दी है। करीब 6 घंटे में ही जिले में औसतन 30 मिलीमीटर बरसात हुई। भरतपुर में 75 एमएम यानि करीब 3 इंच बरसात हुई। इससे सरकुलर रोड के बाहर की 40 से ज्यादा कॉलोनियों के रास्ते जलमग्न हो गए। इनमें गिरीश विहार, तिलक नगर, शेरसिंह नगर, नेहरू नगर, जसवंत नगर, जाटव बस्ती, रुधिया नगर, सुभाष नगर, गांधी कालाेनी, बापू नगर, ईदगाह, दुर्गा कालाेनी, मडरपुर राेड, मालीपुरा, चांदवारी, विजय नगर, संजय नगर, सहयोग नगर समेत कई कॉलोनियों में पानी भर गया।

हालांकि नगर निगम द्वारा 12 से ज्यादा स्थानों पर पानी निकासी के लिए पंप लगाए गए हैं। बारिश के कारण एक मकान ढह गया। दो दिन की बरसात से अजान बांध में पानी आ गया है। डाकन मोरी का गेज 6.5 फीट था। संभावना है कि अब केवलादेव घना को पानी मिल सकता है। अगर ऐसा हुआ तो विंटर सीजन तक दिक्कत नहीं आएगी। नेस्टिंग भी अच्छी हाेगी। बारिश से बाजरे यानि खरीफ की फसल में नुकसान की आशंका है।

इधर, बुधवार रात से शुरू हुई बारिश अलसुबह तक जारी रही। गुरुवार को दिन में भी रह-रह कर बरसात होती रही। इस मानसून सीजन में अब तक 470 मिमी बारिश हो चुकी है। जबकि औसत बारिश का कोटा 583 मिमी है। यानी अभी 113 एमएम बारिश की दरकार है। शुक्रवार को भी भारी बरसात की संभावना है। मौसम विभाग ने इसका यलो अलर्ट जारी किया है।

सीएम से राज्यमंत्री गर्ग की मांग-विशेष गिरदावरी हो
इधर, तकनीकी शिक्षा एवं आयुर्वेद राज्यमंत्री डॉ. सुभाष गर्ग ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, कृषि एवं पशुपालन मंत्री लालचंद कटारिया और आपदा प्रबंधन एवं सहायता मंत्री गोविंद राम मेघवाल को पत्र लिखकर भरतपुर जिले में खरीफ फसलों के नुकसान की विशेष गिरदावरी कराए जाने की मांग की है। ताकि किसानों को बतौर मुआवजा कुछ राहत मिल सके।

नुकसान: पहले 1 कमरा गिरा, अब बाकी दो ढहे
वार्ड 13 के विजय नगर में रामेश्वर के तीन कमरों वाले मकान में से एक कमरा पिछले शनिवार को भरभराकर गिर गया था। अब बाकी दो कमरे भी ढह गए हैं। रामेश्वर ने बताया कि जिस समय दो कमरे गिरे, तब उनके बाहर टिनशेड में दो जने सो रहे थे। इससे पहले शनिवार को भी 4 लोग बाल-बाल बचे थे।

फायदा सरसाें/चना बुवाई करें, सुपर फास्फेट डालें
उप निदेशक कृषि विस्तार डॉ. धर्मपाल सिंह ने बताया है कि सरसों एवं चना के लिए यह बरसात लाभकारी है। समय पर बुवाई एवं अंकुरण होगा। सरसों की बुवाई अक्टूबर के पहले पखवाड़े में करें। डीएपी के स्थान पर सिंगल सुपर फास्फेट का उपयोग करें। प्रति बीघा 10-15 किलो यूरिया अंतिम जुताई के पहले छिड़कें एवं 40 किलो सिंगल सुपर फास्फेट खेत में डाल कर सरसों की बुवाई करें।

आगे क्या 25 सितंबर तक मध्यम से तेज बारिश की आशंका
माैसम विशेषज्ञ आरके सिंह के अनुसार पूर्वी राजस्थान के ऊपर अति निम्न दबाव का क्षेत्र बना है। इससे बादलों को नमी मिल रही है। इसलिए 25 सितंबर तक मध्यम से तेज बारिश की संभावना है। दिन और रात के तापमान में सिर्फ 2.5 डिग्री का अंतर था। अधिकतम 26.5 और न्यूनतम 24.0 डिग्री दर्ज किया गया।