सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट करने वाले 23 गिरफ्तार, 2 FIR दर्ज; पुलिस ने एक महीने चलाया अभियान
सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक और भड़काऊ पोस्ट करने वालों के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने करीब एक महीने तक विशेष अभियान चलाकर ऐसे 23 लोगों को गिरफ्तार किया है, जो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर आपत्तिजनक सामग्री पोस्ट कर रहे थे। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने दो एफआईआर भी दर्ज की हैं।
पुलिस के अनुसार, सोशल मीडिया पर लगातार नजर रखी जा रही थी। इस दौरान अलग-अलग सोशल मीडिया अकाउंट से ऐसी पोस्ट सामने आईं, जिन्हें आपत्तिजनक माना गया। पोस्ट की जांच के बाद संबंधित लोगों की पहचान की गई और उनके खिलाफ कार्रवाई की गई।
पुलिस ने अभियान के दौरान सोशल मीडिया गतिविधियों की निगरानी बढ़ाई। फेसबुक, इंस्टाग्राम, एक्स और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सार्वजनिक रूप से उपलब्ध पोस्ट और कंटेंट की जांच की गई। आपत्तिजनक पोस्ट मिलने पर पुलिस ने उनके स्क्रीनशॉट और अन्य डिजिटल साक्ष्यों को सुरक्षित किया और संबंधित अकाउंट चलाने वाले लोगों तक पहुंच बनाई।
एक महीने तक चले इस अभियान के दौरान पुलिस ने कुल 23 आरोपियों को गिरफ्तार किया। वहीं दो मामलों में एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू की गई। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि इन पोस्ट के पीछे किसी तरह की संगठित गतिविधि तो नहीं थी।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि सोशल मीडिया का इस्तेमाल अभिव्यक्ति के माध्यम के रूप में किया जा सकता है, लेकिन कानून का उल्लंघन करने वाली सामग्री पोस्ट करने पर कार्रवाई की जाएगी। खासकर ऐसी पोस्ट जो समाज में तनाव पैदा कर सकती हैं या किसी समुदाय, व्यक्ति अथवा संस्था के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल करती हैं, उन पर पुलिस की नजर है।
अभियान के दौरान पुलिस ने लोगों को सोशल मीडिया पर कोई भी पोस्ट शेयर या अपलोड करने से पहले सावधानी बरतने की सलाह भी दी। अधिकारियों का कहना है कि सोशल मीडिया पर की गई गतिविधियां डिजिटल रिकॉर्ड का हिस्सा बन सकती हैं और आपत्तिजनक सामग्री के मामले में कानूनी कार्रवाई से बचना मुश्किल होता है।
पुलिस की इस कार्रवाई के बाद सोशल मीडिया यूजर्स में भी सतर्कता बढ़ी है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अभियान आगे भी जारी रहेगा और सोशल मीडिया पर नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल गिरफ्तार किए गए 23 आरोपियों से पूछताछ और दर्ज मामलों में आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है। पुलिस डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर अन्य संभावित आरोपियों की भूमिका की भी जांच कर रही है।
