‘जीतूं या हारूं, पानी लाऊंगा’... 3 साल बाद भाटी ने निभाया वादा, नलकूप हुआ स्वीकृत
राजस्थान के बाड़मेर में एक जनप्रतिनिधि का तीन साल पुराना वादा अब पूरा होने जा रहा है। शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने चुनाव के दौरान ग्रामीणों से कहा था कि जीतूं या हारूं, इलाके में पानी की समस्या दूर करने के लिए नलकूप जरूर लाऊंगा। अब करीब तीन साल बाद नलकूप स्वीकृत होने के साथ उनका यह वादा पूरा हुआ है।
नलकूप स्वीकृत होने की जानकारी मिलने के बाद ग्रामीणों में खुशी का माहौल है। वहीं जिस परिवार के सामने यह वादा किया गया था, उसके सदस्य भी इसे लेकर भावुक हैं।
चुनाव के दौरान किया था वादा
बताया जा रहा है कि चुनाव प्रचार के दौरान रविंद्र सिंह भाटी ग्रामीणों के बीच पहुंचे थे। उस दौरान पानी की समस्या को लेकर ग्रामीणों ने अपनी परेशानी बताई थी।
भाटी ने ग्रामीणों से कहा था कि ‘जीतूं या हारूं, पानी लाऊंगा।’ चुनाव के बाद भी उन्होंने इस मुद्दे को नहीं छोड़ा और क्षेत्र में पेयजल सुविधा के लिए प्रयास जारी रखे।
तीन साल बाद नलकूप हुआ स्वीकृत
अब करीब तीन साल बाद संबंधित क्षेत्र में नलकूप स्वीकृत हो गया है। नलकूप की स्वीकृति के बाद ग्रामीणों को उम्मीद है कि लंबे समय से चली आ रही पानी की समस्या में राहत मिलेगी।
स्थानीय लोगों ने इस पहल का स्वागत किया है और कहा कि पानी जैसी मूलभूत जरूरत के लिए किया गया वादा पूरा होना ग्रामीणों के लिए बड़ी बात है।
बेटे ने कहा- विधायक ने पिता से किया वादा निभाया
वादा पूरा होने पर परिवार के एक बेटे ने भावुक होकर कहा कि विधायक ने उनके पिता से किया वादा निभाया है। उसके मुताबिक, चुनाव के समय पानी की समस्या को लेकर उनके पिता के सामने वादा किया गया था और अब तीन साल बाद नलकूप स्वीकृत हो गया।
परिवार ने इसे केवल एक सरकारी स्वीकृति नहीं, बल्कि किए गए वादे को निभाने की मिसाल बताया।
ग्रामीणों को मिलेगी राहत
क्षेत्र में लंबे समय से पानी की समस्या ग्रामीणों के लिए परेशानी का कारण रही है। नलकूप स्वीकृत होने के बाद स्थानीय लोगों को पेयजल और अन्य जरूरतों के लिए राहत मिलने की उम्मीद है।
ग्रामीणों का कहना है कि नलकूप का काम जल्द शुरू होकर समय पर पूरा होना चाहिए, ताकि स्वीकृति का लाभ जमीन पर भी दिखाई दे।
‘जीतूं या हारूं, पानी लाऊंगा’ का वादा करीब तीन साल बाद पूरा होने की ओर है। नलकूप की स्वीकृति के बाद ग्रामीणों में खुशी है और परिवार ने भी इसे विधायक द्वारा किया गया वादा निभाने की मिसाल बताया है।
