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बाड़मेर स्कूल हादसे पर मानव अधिकार आयोग सख्त, कलेक्टर-एसपी से मांगी रिपोर्ट

 
बाड़मेर स्कूल हादसे पर मानव अधिकार आयोग सख्त, बाड़मेर स्कूल हादसे पर मानव अधिकार आयोग सख्त, कलेक्टर-एसपी से मांगी रिपोर्टकलेक्टर-एसपी से मांगी रिपोर्ट

बाड़मेर जिले के एक सरकारी स्कूल में हाल ही में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब कक्षा के अंदर लगा पंखा अचानक गिर गया। यह घटना उस समय हुई जब छात्र कक्षा में मौजूद थे। हालांकि, घटना में किसी बड़े हादसे की सूचना नहीं है, लेकिन इससे बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता जरूर पैदा हो गई है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग (NHRC) ने स्वत: संज्ञान लिया है। आयोग ने जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक (एसपी) को नोटिस जारी कर दो सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं।

आयोग ने अपने नोटिस में पूछा है कि स्कूल भवन की स्थिति क्या है, पंखा गिरने की वजह क्या रही, और क्या पहले भी ऐसी किसी लापरवाही की शिकायत सामने आई थी। साथ ही यह भी स्पष्ट करने को कहा गया है कि छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन ने अब तक क्या कदम उठाए हैं।

स्कूलों की स्थिति पर सवाल:
यह घटना एक बार फिर सरकारी स्कूलों के जर्जर भवनों और खराब रखरखाव की ओर इशारा करती है। कई ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में स्थित सरकारी स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं की कमी और मरम्मत कार्यों में लापरवाही की शिकायतें लगातार सामने आती रही हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि स्कूलों में नियमित निरीक्षण और समय पर मरम्मत कार्य न होने के कारण इस तरह की घटनाएं सामने आती हैं, जो कभी भी बड़े हादसे में बदल सकती हैं।

प्रशासन की जिम्मेदारी:
मानव अधिकार आयोग के हस्तक्षेप के बाद अब जिला प्रशासन पर जवाबदेही बढ़ गई है। कलेक्टर और एसपी को न केवल घटना की जांच कर रिपोर्ट सौंपनी होगी, बल्कि यह भी सुनिश्चित करना होगा कि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों। सूत्रों के अनुसार, प्रशासन ने भी इस मामले को गंभीरता से लेते हुए स्कूलों के भवनों की स्थिति का पुनः निरीक्षण कराने की तैयारी शुरू कर दी है।

अभिभावकों में चिंता:
इस घटना के बाद छात्रों के अभिभावकों में भी चिंता का माहौल है। वे चाहते हैं कि स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाए और इस तरह की लापरवाही पर सख्त कार्रवाई हो।