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बाड़मेर में लेक्चरर के ट्रांसफर के विरोध में छात्रों ने स्कूल गेट पर लगाया ताला, रद्द करने की मांग

 
बाड़मेर में लेक्चरर के ट्रांसफर के विरोध में छात्रों ने स्कूल गेट पर लगाया ताला, रद्द करने की मांग

जिले में एक सरकारी स्कूल के लेक्चरर के ट्रांसफर को लेकर छात्रों में नाराजगी देखने को मिली। ट्रांसफर आदेश के करीब 7 महीने बाद रिलीव करने का रिमाइंडर आने पर छात्रों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए स्कूल के मुख्य गेट पर ताला लगा दिया। इस दौरान छात्रों ने सरकार और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी कर शिक्षक का ट्रांसफर रद्द करने की मांग की। छात्रों का कहना है कि लेक्चरर नखताराम के पढ़ाने के तरीके और विद्यार्थियों के प्रति सहयोगात्मक रवैये के कारण स्कूल में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। लंबे समय बाद उनके स्थानांतरण की प्रक्रिया आगे बढ़ने से छात्रों में नाराजगी फैल गई।

छात्रों ने किया प्रदर्शन

ट्रांसफर आदेश पर कार्रवाई की जानकारी मिलने के बाद बड़ी संख्या में छात्र स्कूल परिसर में एकत्रित हुए। छात्रों ने स्कूल के गेट पर ताला लगाकर विरोध जताया और प्रशासन से शिक्षक का स्थानांतरण रोकने की मांग की।प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने नारेबाजी करते हुए कहा कि शिक्षक के जाने से उनकी पढ़ाई प्रभावित होगी। उन्होंने मांग की कि जब तक ट्रांसफर आदेश वापस नहीं लिया जाता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।

7 महीने बाद आया रिमाइंडर

जानकारी के अनुसार लेक्चरर नखताराम का ट्रांसफर करीब सात महीने पहले हुआ था, लेकिन अब उन्हें रिलीव करने के लिए विभाग की ओर से रिमाइंडर भेजा गया। इसके बाद स्कूल प्रशासन की ओर से प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई, जिस पर छात्रों ने विरोध शुरू कर दिया।छात्रों का कहना है कि स्कूल में शिक्षकों की कमी पहले से है और ऐसे में एक अनुभवी शिक्षक के जाने से विद्यार्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा।

प्रशासन ने समझाइश का प्रयास किया

घटना की सूचना मिलने के बाद शिक्षा विभाग और प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने छात्रों से बातचीत कर मामला शांत कराने का प्रयास किया।अधिकारियों ने छात्रों को नियमानुसार कार्रवाई और उनकी समस्याओं को उच्च अधिकारियों तक पहुंचाने का आश्वासन दिया। हालांकि छात्र अपनी मांग पर अड़े रहे और ट्रांसफर रद्द करने की मांग दोहराते रहे।

छात्रों की मांग पर टिकी नजर

छात्रों का कहना है कि उनका विरोध किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि अपनी पढ़ाई और भविष्य को ध्यान में रखते हुए है। उन्होंने प्रशासन से जल्द निर्णय लेने की मांग की है।वहीं शिक्षा विभाग की ओर से पूरे मामले की जानकारी जुटाई जा रही है। अब देखना होगा कि छात्रों की मांग पर विभाग की ओर से क्या निर्णय लिया जाता है।