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सरपंच बोलीं- ‘मैं अनपढ़ हूं, लेकिन शिक्षा सभी को दिलाऊंगी’, राष्ट्रपति से मिलेगा सम्मान

 
सरपंच बोलीं- ‘मैं अनपढ़ हूं, लेकिन शिक्षा सभी को दिलाऊंगी’, राष्ट्रपति से मिलेगा सम्मान

गांव की जिम्मेदारी संभालने वाली एक महिला सरपंच की कहानी अब पूरे क्षेत्र के लिए प्रेरणा बन गई है। खुद को अनपढ़ बताने वाली सरपंच ने शिक्षा को लेकर ऐसा संकल्प लिया कि उनके काम की चर्चा अब राष्ट्रीय स्तर तक पहुंच गई है। उन्होंने कहा, “मैं अनपढ़ हूं, लेकिन शिक्षा सभी को दिलवाऊंगी।” उनके इसी प्रयास और गांव में किए गए उल्लेखनीय कार्यों के लिए उन्हें राष्ट्रपति के हाथों सम्मानित किया जाएगा।

खेतों में बीता जीवन, VIP का मतलब भी नहीं पता था

सरपंच ने अपनी जिंदगी के बारे में बताते हुए कहा कि उन्होंने अपना अधिकांश जीवन खेतों में काम करते हुए बिताया है। इसी वजह से उन्हें लंबे समय तक यह भी नहीं पता था कि VIP का क्या मतलब होता है।

उन्होंने कहा कि ग्रामीण परिवेश में पली-बढ़ी होने के बावजूद उन्होंने गांव की जिम्मेदारी संभालने के बाद शिक्षा और विकास को प्राथमिकता दी।

खुद पढ़ नहीं सकीं, दूसरों को पढ़ाने का संकल्प

सरपंच का कहना है कि वह खुद शिक्षा हासिल नहीं कर सकीं, लेकिन वह चाहती हैं कि गांव का कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे।

उन्होंने ग्रामीण परिवारों को बच्चों को स्कूल भेजने के लिए प्रेरित किया और शिक्षा के महत्व को समझाने का प्रयास किया। उनका मानना है कि गांव का विकास तभी संभव है, जब वहां के बच्चे पढ़-लिखकर आगे बढ़ें।

गांव के विकास कार्यों पर दिया जोर

सरपंच ने अपने कार्यकाल में शिक्षा के साथ-साथ गांव की मूलभूत सुविधाओं को बेहतर बनाने पर भी जोर दिया। ग्रामीणों की समस्याओं को सुनकर उनके समाधान की दिशा में काम किया गया।

स्थानीय लोगों का कहना है कि महिला सरपंच ने सीमित संसाधनों के बावजूद गांव के विकास और बच्चों की शिक्षा के लिए लगातार प्रयास किए।

राष्ट्रपति से सम्मानित होने की तैयारी

सरपंच के काम को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलने के बाद अब उन्हें राष्ट्रपति द्वारा सम्मानित किया जाएगा। यह सम्मान उनके लिए ही नहीं, बल्कि पूरे गांव के लिए गौरव का विषय माना जा रहा है।

सरपंच का कहना है कि यह सम्मान उन्हें और बेहतर काम करने की प्रेरणा देगा। वह आगे भी गांव में शिक्षा और विकास से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता देना चाहती हैं।

दूसरी महिलाओं के लिए भी बनीं मिसाल

एक ग्रामीण महिला का सरपंच बनने के बाद शिक्षा और विकास को लेकर सक्रिय भूमिका निभाना दूसरी महिलाओं के लिए भी प्रेरणा माना जा रहा है।

खुद को अनपढ़ बताने वाली सरपंच का ‘सबको शिक्षा दिलाने’ का संकल्प अब राष्ट्रीय सम्मान तक पहुंच गया है। खेतों में काम करने से लेकर गांव की जिम्मेदारी संभालने और राष्ट्रपति से सम्मान पाने तक का उनका सफर ग्रामीण महिलाओं के लिए प्रेरणादायक है।