राजस्थान रिफाइनरी को लेकर सियासत गरम, भाजपा ने कांग्रेस सरकार पर साधा निशाना
मदन राठौड़ ने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार पर राजस्थान रिफाइनरी परियोजना को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि पिछली सरकार के कार्यकाल में इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर अपेक्षित काम नहीं हुआ और विकास की गति प्रभावित रही।
भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने आरोप लगाया कि पूर्व सरकार के दौरान मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री के बीच मतभेद और आपसी खींचतान के कारण रिफाइनरी परियोजना पर प्रभावी ढंग से काम आगे नहीं बढ़ सका। उन्होंने कहा कि “सरकार के शीर्ष नेतृत्व में समन्वय की कमी के चलते महत्वपूर्ण परियोजनाएं ठप जैसी स्थिति में रहीं।”
उन्होंने यह भी कहा कि उस समय राज्य के विकास से जुड़े अहम मुद्दों पर ध्यान देने के बजाय राजनीतिक विवाद और आंतरिक संघर्ष हावी रहे, जिसका असर सीधे तौर पर बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स पर पड़ा।
राठौड़ ने आरोप लगाते हुए कहा कि रिफाइनरी जैसे महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट पर ठोस निर्णय लेने के बजाय तत्कालीन नेतृत्व “होटलों में बैठकर बैठकें करने और आपसी लड़ाई में उलझा रहा”, जिससे परियोजना की गति बाधित हुई।
अशोक गहलोत के नेतृत्व वाली तत्कालीन कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि राज्य की आर्थिक प्रगति के लिए जिन परियोजनाओं को प्राथमिकता मिलनी चाहिए थी, वे राजनीतिक अस्थिरता की भेंट चढ़ गईं।
भाजपा नेता ने दावा किया कि वर्तमान सरकार इस परियोजना को गति देने के लिए गंभीरता से काम कर रही है और विकास कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने पर जोर दिया जा रहा है।
इस बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर रिफाइनरी परियोजना को लेकर बहस तेज हो गई है। विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर फिर से शुरू हो गया है।
स्थानीय राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आगामी समय में इस मुद्दे पर सियासी बयानबाजी और तेज हो सकती है, क्योंकि रिफाइनरी राजस्थान की सबसे बड़ी औद्योगिक परियोजनाओं में से एक मानी जाती है।
