बाड़मेर में मिलावट के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, 20 फर्मों पर जुर्माना
Barmer जिले में शुद्ध आहार मिलावट अभियान के तहत खाद्य सुरक्षा विभाग की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। विभिन्न फर्मों से लिए गए घी, तेल, दूध, नमकीन और पनीर के सैंपल जांच में अमानक (नॉन-स्टैंडर्ड) पाए गए, जिसके बाद प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है।
जानकारी के अनुसार, खाद्य सुरक्षा विभाग ने जिले में अलग-अलग दुकानों और फर्मों से खाद्य पदार्थों के सैंपल एकत्र किए थे। इन सैंपलों को प्रयोगशाला जांच के लिए भेजा गया, जहां कई उत्पाद गुणवत्ता मानकों पर खरे नहीं उतरे। जांच रिपोर्ट में यह स्पष्ट हुआ कि कई खाद्य पदार्थ मिलावटयुक्त और उपभोक्ता स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकते हैं।
रिपोर्ट सामने आने के बाद संबंधित मामलों को न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां सुनवाई के बाद कोर्ट ने 20 फर्मों पर कुल 17 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। इस कार्रवाई के बाद जिले के खाद्य व्यापारियों में हड़कंप मच गया है।
अधिकारियों ने बताया कि मिलावट करने वाली फर्मों के खिलाफ यह कार्रवाई उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए की गई है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि खाद्य पदार्थों में किसी भी प्रकार की मिलावट बर्दाश्त नहीं की जाएगी और आगे भी नियमित जांच अभियान जारी रहेगा।
Food Safety Department Rajasthan के अधिकारियों ने कहा कि अभियान का उद्देश्य बाजार में शुद्ध और सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना है, ताकि आम जनता को किसी प्रकार के स्वास्थ्य जोखिम का सामना न करना पड़े।
स्थानीय लोगों ने इस कार्रवाई का स्वागत किया है और कहा है कि मिलावटखोरी पर सख्त नियंत्रण बेहद जरूरी है। उनका कहना है कि ऐसे कदमों से दुकानदारों में डर पैदा होगा और वे गुणवत्ता मानकों का पालन करने के लिए बाध्य होंगे।
फिलहाल विभाग ने संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में और सैंपल जांच किए जाएंगे और जिन फर्मों में अनियमितता पाई जाएगी, उनके खिलाफ भी इसी तरह की कार्रवाई की जाएगी।
