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जैसलमेर में एग्रीकल्चर इनपुट डीलर्स की सांकेतिक हड़ताल, नए बीज अधिनियम और पेस्टिसाइड बिल 2025 का विरोध

 
जैसलमेर में एग्रीकल्चर इनपुट डीलर्स की सांकेतिक हड़ताल, नए बीज अधिनियम और पेस्टिसाइड बिल 2025 का विरोध  जैसलमेर में सोमवार को ए

जैसलमेर में सोमवार को एग्रीकल्चर इनपुट्स डीलर्स एसोसिएशन की ओर से सांकेतिक हड़ताल की गई। इस दौरान खाद और बीज व्यापार से जुड़े दुकानदारों ने अपनी दुकानें बंद रखीं और नए बीज अधिनियम तथा पेस्टिसाइड बिल 2025 के प्रावधानों का विरोध जताया।

व्यापारियों का कहना है कि प्रस्तावित नियमों में खुदरा व्यापारियों के लिए काफी सख्त प्रावधान किए गए हैं, जिनसे छोटे और मध्यम स्तर के व्यवसायियों पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। उनका आरोप है कि नए नियमों के लागू होने के बाद लाइसेंसिंग प्रक्रिया, निरीक्षण व्यवस्था और अनुपालन की शर्तें और अधिक जटिल हो जाएंगी, जिससे व्यापार करना मुश्किल हो सकता है।

डीलर्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने बताया कि कृषि क्षेत्र में खाद, बीज और पेस्टिसाइड की आपूर्ति किसानों तक समय पर पहुंचाने में खुदरा व्यापारियों की अहम भूमिका होती है, लेकिन यदि नियम बहुत कठोर होंगे तो इसका सीधा असर किसानों पर भी पड़ सकता है।

हड़ताल के दौरान व्यापारियों ने सरकार से मांग की कि नए अधिनियम और बिल पर पुनर्विचार किया जाए और सभी हितधारकों से चर्चा कर संतुलित नीति तैयार की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी नए नियम को लागू करने से पहले जमीनी हकीकत और व्यापारिक परिस्थितियों को ध्यान में रखना जरूरी है।

सांकेतिक हड़ताल के चलते कई दुकानों पर कामकाज प्रभावित रहा और कुछ समय के लिए कृषि इनपुट्स की आपूर्ति भी बाधित हुई। हालांकि एसोसिएशन ने इसे एक शांतिपूर्ण विरोध बताते हुए कहा कि उनका उद्देश्य केवल अपनी समस्याओं को सरकार तक पहुंचाना है।

स्थानीय स्तर पर किसानों और व्यापारियों के बीच इस मुद्दे को लेकर चर्चा तेज हो गई है। कुछ लोगों का मानना है कि बेहतर गुणवत्ता नियंत्रण के लिए नियम जरूरी हैं, जबकि व्यापारियों का कहना है कि इन्हें व्यावहारिक और सरल बनाया जाना चाहिए।

फिलहाल एसोसिएशन ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो आने वाले समय में आंदोलन को और व्यापक किया जा सकता है।