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बाड़मेर में ढाई घंटे में 500 स्थानों पर होलिका दहन, नवविवाहित जोड़ों ने की पूजा

 
बाड़मेर में ढाई घंटे में 500 स्थानों पर होलिका दहन, नवविवाहित जोड़ों ने की पूजा

जिलेभर में होलिका दहन को लेकर जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक करीब 500 स्थानों पर महज ढाई घंटे के भीतर होलिका दहन किया गया। शुभ मुहूर्त के अनुसार शाम को निर्धारित समय पर अग्नि प्रज्वलित की गई और विधि-विधान से पूजा-अर्चना संपन्न हुई।

शहर के मोहल्लों, चौक-चौराहों और कॉलोनियों में कई दिनों पहले से होलिका सजाने की तैयारियां शुरू हो गई थीं। लकड़ियां, उपले और पूजन सामग्री एकत्रित कर पारंपरिक ढंग से होलिका स्थापित की गई। जैसे ही शुभ मुहूर्त आया, पंडितों के मंत्रोच्चार के बीच अग्नि प्रज्वलित की गई। श्रद्धालुओं ने होलिका की परिक्रमा कर सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना की।

नवविवाहित जोड़ों ने निभाई परंपरा

इस अवसर पर नवविवाहित दूल्हा-दुल्हनों ने विशेष रूप से होलिका पूजन किया। परंपरा के अनुसार विवाह के बाद पहली होली पर दंपती मिलकर पूजा-अर्चना करते हैं। कई स्थानों पर नवविवाहित जोड़े पारंपरिक वेशभूषा में नजर आए और उन्होंने अग्नि की परिक्रमा कर वैवाहिक जीवन की मंगलकामना की।

महिलाओं में खास उत्साह

होलिका दहन के दौरान महिलाओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। पारंपरिक परिधान में सजी महिलाओं ने पहले विधिवत पूजा की, फिर एक-दूसरे को गुलाल लगाकर होली की शुभकामनाएं दीं। कई स्थानों पर लोकगीतों की धुन पर महिलाएं झूमती नजर आईं। ढोल-नगाड़ों और थाली की थाप से माहौल उत्सवमय बना रहा।

सुरक्षा के रहे इंतजाम

इतने बड़े स्तर पर होलिका दहन को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए। संवेदनशील इलाकों में पुलिस बल तैनात रहा और अग्निशमन विभाग को अलर्ट मोड पर रखा गया। आयोजन समितियों को ज्वलनशील पदार्थों से सावधानी बरतने और निर्धारित स्थानों पर ही दहन करने के निर्देश दिए गए थे।

ग्रामीण अंचलों में भी परंपरागत रीति-रिवाजों के साथ होलिका दहन हुआ। कई गांवों में सामूहिक रूप से पूजा-अर्चना कर प्रसाद वितरण किया गया। बच्चों और युवाओं में रंगों की होली को लेकर खास उत्साह देखा गया।