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बाड़मेर में रेडीमेड शोरूम में भीषण आग, फायर ब्रिगेड देरी से पहुंची, बच्चों को सुरक्षित निकाला गया

 
बाड़मेर में रेडीमेड शोरूम में भीषण आग, फायर ब्रिगेड देरी से पहुंची, बच्चों को सुरक्षित निकाला गया

जिले में बुधवार रात करीब 9 बजे एक रेडीमेड कपड़ों के शोरूम में भीषण आग लग गई, जिसने देखते ही देखते आसपास की दुकानों को भी अपनी चपेट में ले लिया। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि कुछ ही समय में पास की कई दुकानों में भी फैल गईं, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग लगते ही स्थानीय लोगों ने तुरंत फायर ब्रिगेड को सूचना दी, लेकिन दमकल की गाड़ियां करीब तीन घंटे की देरी से मौके पर पहुंचीं। इस दौरान आग लगातार फैलती रही और नुकसान बढ़ता गया।

घटना के दौरान सबसे बड़ी चिंता पास में स्थित एक लाइब्रेरी में पढ़ रहे बच्चों को लेकर थी। स्थानीय लोगों ने बहादुरी दिखाते हुए तुरंत कार्रवाई की और वहां मौजूद 10 से ज्यादा बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। समय रहते बच्चों को बाहर निकालने से एक बड़ा हादसा टल गया।

आग लगने के कारणों का अभी तक स्पष्ट पता नहीं चल पाया है। शुरुआती अनुमान के अनुसार, यह घटना शॉर्ट सर्किट या अन्य तकनीकी खराबी के कारण हो सकती है, हालांकि इसकी पुष्टि जांच के बाद ही होगी।

स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि फायर ब्रिगेड की देरी से पहुंचने के कारण नुकसान काफी बढ़ गया। उनका आरोप है कि यदि दमकल समय पर पहुंच जाती, तो आग को शुरुआती चरण में ही काबू किया जा सकता था।

पुलिस और प्रशासन की टीम भी मौके पर पहुंची और हालात को नियंत्रण में लेने के प्रयास किए। दमकल कर्मियों ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। इस दौरान कई दुकानों में रखा सामान जलकर खाक हो गया।

प्रशासन ने घटना की जांच के आदेश दे दिए हैं और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आग कैसे लगी और फायर ब्रिगेड के पहुंचने में देरी क्यों हुई। साथ ही, भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचाव के लिए आवश्यक कदम उठाने की बात कही गई है।

विशेषज्ञों का कहना है कि बाजार क्षेत्रों में आग सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम होना बेहद जरूरी है। दुकानों में फायर सेफ्टी उपकरण, अलार्म सिस्टम और आपातकालीन निकास मार्ग का होना इस तरह की घटनाओं में नुकसान को कम कर सकता है।

इस घटना ने एक बार फिर आपातकालीन सेवाओं की तत्परता और शहर में फायर सेफ्टी सिस्टम की स्थिति पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि फायर ब्रिगेड की व्यवस्था को मजबूत किया जाए और ऐसे मामलों में त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित की जाए।

इस तरह, बाड़मेर में हुई इस आगजनी की घटना में जहां बड़ा नुकसान हुआ, वहीं स्थानीय लोगों की सतर्कता और साहस से कई बच्चों की जान बच गई, जो इस घटना का सकारात्मक पहलू माना जा रहा है।