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बाड़मेर में इंजीनियर बन नशा तस्कर, गायों के बाड़े में मिला डेढ़ किलो अफीम का दूध

 
बाड़मेर में इंजीनियर बन नशा तस्कर, गायों के बाड़े में मिला डेढ़ किलो अफीम का दूध

राजस्थान के बाड़मेर जिले में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां एक इंजीनियर ने नशा तस्करी में लिप्त होने का मामला उजागर हुआ। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर उसकी तलाशी में गायों के बाड़े में छिपा रखा लगभग डेढ़ किलो अफीम का दूध बरामद किया। यह घटना न केवल इलाके में सनसनी फैलाने वाली है, बल्कि यह दिखाती है कि शिक्षित और जिम्मेदार पेशे से जुड़े लोग भी नशा तस्करी में शामिल हो सकते हैं।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपी लंबे समय से नशा तस्करी के गहरे नेटवर्क में सक्रिय था। पिछले कुछ महीनों से पुलिस के लिए यह पता लगाना मुश्किल हो रहा था कि यह किस तरह से अफीम और अन्य नशे की सामग्री का लेन-देन कर रहा है। लगातार जांच और गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई की और आरोपी को पकड़ लिया।

तलाशी के दौरान पुलिस ने आरोपी के घर और आस-पास के इलाके की जांच की। इसी दौरान गायों के बाड़े में छिपा अफीम का दूध बरामद हुआ। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि डेढ़ किलो अफीम का दूध बाजार में भारी मात्रा में नशा तैयार करने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता था। यह बरामदगी नशा तस्करी की गंभीरता को दर्शाती है।

स्थानीय प्रशासन ने इस मामले को गंभीरता से लिया है। पुलिस अधीक्षक ने कहा, “हम किसी भी प्रकार की नशा तस्करी को बर्दाश्त नहीं करेंगे। आरोपी चाहे किसी भी पेशे से क्यों न जुड़ा हो, उसके खिलाफ कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।” उन्होंने यह भी कहा कि आरोपी को कोर्ट में पेश किया जाएगा और उसके खिलाफ नशा तस्करी और संबंधित अपराधों में केस दर्ज किया जाएगा।

विशेषज्ञों का कहना है कि इस प्रकार के मामले यह दर्शाते हैं कि नशा तस्करी सिर्फ ग्रामीण या अनपढ़ इलाकों तक सीमित नहीं है। शिक्षित और पेशेवर लोग भी आर्थिक लालच और अन्य कारणों से इस व्यापार में शामिल हो सकते हैं। ऐसे मामलों से न केवल समाज में नशे की समस्या बढ़ती है, बल्कि युवाओं और आम लोगों में असुरक्षा की भावना भी पैदा होती है।

स्थानीय लोग इस गिरफ्तारी से राहत महसूस कर रहे हैं। उन्होंने पुलिस और प्रशासन की सराहना की और कहा कि ऐसे अपराधियों के खिलाफ सख्त कदम उठाने से इलाके में सुरक्षा और कानून का भरोसा बढ़ेगा।

पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि या नशा तस्करी की सूचना तुरंत अधिकारियों को दें। इससे न केवल ऐसे अपराधों की रोकथाम होगी बल्कि समाज में नशे से जुड़ी समस्याओं पर भी काबू पाया जा सकेगा।

इस प्रकार, बाड़मेर में इंजीनियर बन नशा तस्कर का मामला शिक्षा और पेशे की सीमा को तोड़ते हुए एक चेतावनी का संदेश दे गया है। डेढ़ किलो अफीम के दूध की बरामदगी इस मामले की गंभीरता को और बढ़ा देती है। प्रशासन और पुलिस की सतर्कता से उम्मीद है कि इलाके में नशा तस्करी की समस्या पर नियंत्रण पाया जा सकेगा और अपराधियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।