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बाड़मेर–बालोतरा जिलों का भूगोल बदलने के विरोध में कांग्रेस की जन आक्रोश रैली, हाईवे पर बदला ट्रैफिक

 
बाड़मेर–बालोतरा जिलों का भूगोल बदलने के विरोध में कांग्रेस की जन आक्रोश रैली, हाईवे पर बदला ट्रैफिक

बाड़मेर और बालोतरा जिलों के भूगोल में बदलाव के प्रस्ताव के विरोध में कांग्रेस की ओर से जन आक्रोश रैली का आयोजन किया गया। धोरीमन्ना में आयोजित इस रैली में भाग लेने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे, जिससे क्षेत्र में राजनीतिक माहौल गर्म हो गया। रैली में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने राज्य सरकार के फैसले के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और इसे जनभावनाओं के विपरीत बताया।

रैली में शामिल होने के लिए आसपास के गांवों और कस्बों से लोग सुबह से ही धोरीमन्ना पहुंचने लगे। भारी भीड़ के चलते व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस और प्रशासन को अतिरिक्त इंतजाम करने पड़े। रैली स्थल के आसपास सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए, ताकि किसी भी तरह की अव्यवस्था न हो।

जन आक्रोश रैली के कारण बाड़मेर–सांचौर नेशनल हाईवे पर यातायात प्रभावित हुआ। बड़ी संख्या में वाहनों के आने-जाने से ट्रैफिक जाम की स्थिति बनने लगी, जिसके बाद पुलिस ने हाईवे पर ट्रैफिक डायवर्ट कर दिया। इससे आम यात्रियों को वैकल्पिक मार्गों से गुजरना पड़ा। प्रशासन ने पहले से ही ट्रैफिक प्लान तैयार कर रखा था, जिससे हालात को संभाला जा सके।

रैली को संबोधित करते हुए कांग्रेस नेताओं ने कहा कि बाड़मेर और बालोतरा जिलों का भूगोल बदलने का निर्णय जनहित में नहीं है। उनका आरोप है कि इस फैसले से स्थानीय लोगों को प्रशासनिक और विकास संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने इस फैसले को वापस नहीं लिया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सरकार पर क्षेत्रीय असंतुलन पैदा करने का आरोप लगाया और कहा कि बिना स्थानीय लोगों की सहमति के इस तरह के फैसले थोपे जा रहे हैं। रैली में शामिल लोगों ने भी अपने विचार रखते हुए कहा कि जिले के भूगोल में बदलाव से उनकी पहचान, सुविधाएं और प्रशासनिक व्यवस्था प्रभावित होगी।

रैली के दौरान माहौल शांतिपूर्ण रहा, हालांकि नारेबाजी और विरोध प्रदर्शन लगातार जारी रहा। पुलिस प्रशासन ने पूरे कार्यक्रम के दौरान स्थिति पर नजर बनाए रखी। रैली के समापन के बाद धीरे-धीरे यातायात व्यवस्था को सामान्य किया गया।

 कांग्रेस की इस जन आक्रोश रैली ने बाड़मेर और बालोतरा जिलों के भूगोल बदलने के मुद्दे को एक बार फिर राजनीतिक और सामाजिक बहस के केंद्र में ला दिया है। अब सभी की नजरें राज्य सरकार के अगले कदम और इस विरोध के असर पर टिकी हुई हैं।