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बाड़मेर में ‘शुद्ध आहार मिलावट पर वार’ अभियान में बड़ा खुलासा, मिठाई-दूध समेत कई खाद्य पदार्थों के सैंपल फेल

 
बाड़मेर में ‘शुद्ध आहार मिलावट पर वार’ अभियान में बड़ा खुलासा, मिठाई-दूध समेत कई खाद्य पदार्थों के सैंपल फेल

जिले में चल रहे ‘शुद्ध आहार मिलावट पर वार’ अभियान के तहत खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। अभियान के दौरान लिए गए मिठाई, दूध, दही, घी, केक और लाल मिर्च पाउडर के सैंपल प्रयोगशाला जांच में मिलावटी पाए गए हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने संबंधित फर्मों के खिलाफ न्यायालय में प्रकरण पेश कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।

जानकारी के अनुसार, खाद्य सुरक्षा टीम ने हाल ही में जिलेभर में विभिन्न दुकानों, डेयरियों और मिठाई की दुकानों पर छापेमारी कर खाद्य पदार्थों के सैंपल लिए थे। इन सैंपलों को जांच के लिए राज्य स्तरीय प्रयोगशाला भेजा गया था। रिपोर्ट में कई नमूने गुणवत्ता मानकों पर खरे नहीं उतरे और उनमें मिलावट की पुष्टि हुई।

जांच में सामने आया कि कुछ मिठाइयों में कृत्रिम रंग और निम्न गुणवत्ता की सामग्री का इस्तेमाल किया गया था, जबकि दूध और दही में भी मानक के अनुरूप पोषक तत्व नहीं मिले। घी और केक के सैंपल भी फेल पाए गए। वहीं लाल मिर्च पाउडर में मिलावट और अशुद्धता के संकेत मिले हैं।

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि मिलावटखोरी सीधे लोगों के स्वास्थ्य से जुड़ा गंभीर अपराध है और इसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। रिपोर्ट के आधार पर संबंधित दुकानदारों और फर्मों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत न्यायालय में केस दर्ज किए गए हैं।

अधिकारियों ने बताया कि दोषी पाए जाने पर संबंधित फर्मों पर जुर्माना और अन्य कानूनी दंड लगाया जा सकता है। भविष्य में भी इस तरह के अभियान लगातार जारी रहेंगे, ताकि आम लोगों को शुद्ध और सुरक्षित खाद्य सामग्री मिल सके।

उल्लेखनीय है कि त्योहारों और शादी-विवाह के सीजन में खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ने के साथ मिलावट की आशंका भी बढ़ जाती है। ऐसे में विभाग की कार्रवाई से मिलावटखोरों में हड़कंप मच गया है।

स्वास्थ्य विभाग ने आमजन से भी अपील की है कि संदिग्ध खाद्य पदार्थ मिलने पर तुरंत शिकायत दर्ज कराएं, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।