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बाड़मेर: अमृता देवी बटालियन के जवान ने आत्महत्या कर ली, आत्महत्याका कारण मानसिक परेशानी

 
बाड़मेर: अमृता देवी बटालियन के जवान ने आत्महत्या कर ली, आत्महत्याका कारण मानसिक परेशानी

सुबह बाड़मेर स्थित अमृता देवी बटालियन पुलिस लाइन में तैनात एक जवान ने आत्महत्या कर ली, जिसने इलाके में चिंता और शोक का माहौल पैदा कर दिया है। जवान की पहचान 24 वर्षीय विजय कुमार के रूप में हुई है, जो हाल ही में इसी बटालियन में चयनित हुआ था और प्रशिक्षण शुरू किया था। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और उच्च अधिकारी मौके पर पहुँचे और मामले की जांच शुरू कर दी है।

कैसे हुआ मामला?

पुलिस सूत्रों के अनुसार, विगत कुछ समय में विजय कुमार सुबह रॉल कॉल (हाज़िरी) के दौरान अनुपस्थित मिला। उनके साथियों ने उनकी खोज शुरू की तो पुलिस लाइन में बने टांके (पानी के गड्ढे) में उनका शव पाया गया। मौके पर मिली जानकारी के अनुसार, उसने आत्महत्या टांके में छलांग लगाकर कर दी थी। वहाँ से पुलिस को एक सुसाइड नोट भी मिला, जिसमें उसने खुद को मानसिक रूप से परेशान बताने के संकेत दिए हैं।

विजय कुमार की स्थिति और चयन

विजय कुमार अभी केवल 18-20 दिनों पहले (11 फरवरी) अमृता देवी बटालियन में नियुक्त हुआ था और नई नौकरी की शुरुआत में ही यह दुखद कदम उठा लिया। परिवारीजन और सहकर्मी इस निर्णय से स्तब्ध हैं। वे कहते हैं कि विजय ने अपनी नौकरी और प्रशिक्षण में लगन दिखाई थी, लेकिन फिर भी अचानक उसने यह कदम क्यों उठाया, यह स्पष्ट नहीं हो पाया है। पुलिस ने शव को जिला अस्पताल की मोर्चरी में रखवाने के बाद परिजनों को सूचना दी और आगे की औपचारिकताएँ पूरी की हैं।

सुसाइड नोट और मानसिक तनाव

पुलिस के अनुसार मिले सुसाइड नोट में उसने अपनी मानसिक परेशानियों का ज़िक्र किया था, लेकिन विस्तृत कारण स्पष्ट नहीं किया गया। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि जवान की मानसिक स्थिति तथा तनाव-प्रबंधन का अभाव आत्महत्या की वजह बन सकता है। जवान की नियुक्ति कुछ ही समय पहले हुई थी, जिससे प्रशिक्षण का दबाव और नई ज़िम्मेदारियों का बोझ उसके मन-स्थिति पर असर डाल सकता है।

परिवार और सहकर्मियों की प्रतिक्रिया

पुलिस लाइन के सहकर्मियों तथा परिवार ने बताया कि विजय एक सरल स्वभाव का युवक था। उसने हाल ही में चयन प्राप्त किया था और अपने उज्जवल भविष्य के लिए आशान्वित था। उसके आत्महत्या जैसे कदम ने परिवार को गहरा सदमा दिया है। परिजनों का कहना है कि उन्हें यह समझ नहीं आ रहा कि अचानक क्यों उसने आत्महत्या जैसा कदम उठाया, क्योंकि उसने शुरुआत में प्रशिक्षण और कार्य के बारे में सकारात्मक रुख दिखाया था।

पुलिस और प्रशासन की जांच

पुलिस ने बताया कि आत्महत्या के संभावित कारणों को समझने के लिए विस्तृत जांच चल रही है। मामले में आत्महत्या के पीछे कोई आंतरिक या बाह्य दबाव तो नहीं था, इसका अध्ययन भी किया जा रहा है। साथ ही आत्महत्या के लिए उपलब्ध कारणों का मूल्यांकन करने हेतु सुसाइड नोट, सहकर्मियों और संबंधित अधिकारियों से पूछताछ जारी है।

सैनिकों में मानसिक स्वास्थ्य का महत्व

सामान्य तौर पर सेना और सुरक्षा बलों में मानसिक स्वास्थ्य, तनाव-प्रबंधन और समर्थन समूहों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है, क्योंकि कठिन प्रशिक्षण और सेवाएं मानसिक दबाव बढ़ा सकती हैं। देश में सुरक्षा बलों के जवानों के बीच मानसिक स्वास्थ्य पर जागरूकता और समर्थन कार्यक्रमों की आवश्यकता पहले से ही बनी हुई है। समय-समय पर यह देखा गया है कि जवान अकेलेपन, दबाव और उथल-पुथल से प्रभावित रह सकते हैं, जिसके परिणामस्वरूप वे जोखिमपूर्ण निर्णय ले सकते हैं।