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Barmer 2015 में बाड़मेर नगर परिषद में फर्जी पट्टा प्रकरण मामले में रिश्वत लेते आयुक्त गिरफ्तार
 

बाड़मेर न्यूज़ डेस्क, बाड़मेर के बहुचर्चित फर्जी पट्टा मामले में आरोपित बालोतरा नगर परिषद आयुक्त जोधाराम विश्नोई को इस बार एक लाख रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार किया गया है. जबकि 2015 में बाड़मेर के खसरा नंबर 1468 के फर्जी पट्टा मामले में आरोपी होने के साथ ही निलंबित भी कर दिया गया था. उनके खिलाफ विभागीय जांच भी हुई और फिर 2016 में उन्हें दोबारा पदस्थापित कर दिया गया। तब से अलग-अलग शहरों में कमिश्नर हैं। बालोतरा में दूसरी बार उन्होंने नगर परिषद बालोतरा के आयुक्त का पदभार संभाला. इसके बाद महज दो महीने में जोधाराम विश्नोई को भ्रष्टाचार के एक मामले में एक लाख रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार किया गया है. पूर्व में भी बाड़मेर व किशनगढ़ में दो बार विभागीय जांच के चलते फर्जी पट्टे निलम्बित हो चुके हैं. गुरुवार को जोधपुर एसीबी की टीम ने शिकायत की पुष्टि कराई, जिसके बाद एसीबी की टीम ने छापेमारी की. आयुक्त आवास में कार्यरत चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी फरसाराम रिश्वत की रकम लेकर फरार हो गया। पुलिस की मदद से आरोपी को पकड़ने का प्रयास किया, लेकिन देर शाम तक वह पकड़ा नहीं जा सका. साथ ही टीम ने रंग धुलाई की कार्रवाई कर कमिश्नर व उनके दलाल को हिरासत में ले लिया. शिकायतकर्ता अपने प्लॉट का व्यवसायिक पट्टा बनवाने के लिए पिछले एक माह से नगर परिषद के चक्कर लगा रहा था, लेकिन पैसे की मांग के चलते उसका काम अटक गया.

इस पर एसीबी ने कमिश्नर जोधाराम विश्नोई और उनके दलाल प्रकाश विश्नोई के खिलाफ शिकायत लेकर टीम से सत्यापन कराया. गुरुवार की दोपहर करीब 1.15 बजे नगर परिषद के पीछे सरकारी आवास पर शिकायतकर्ता ने कमिश्नर जोधाराम विश्नोई से एक लाख रुपये देकर फाइल पर साइन करवा लिया. इसी बीच आयुक्त को जैसे ही एसीबी की छापेमारी की खबर लगी तो उन्होंने क्वार्टर में रहने वाले चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी फरसाराम को रिश्वत के पैसे देकर भगा दिया. इस संबंध में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी नए बस स्टैंड से गुजरते समय रिश्वत की राशि लेकर भाग गया, जिसका परिवादी ने पीछा किया, लेकिन पकड़ा नहीं जा सका. एसीबी की टीम कमिश्नर जेधाराम विश्नोई और उनके रिश्तेदार युवक प्रकाश विश्नोई को करीब दो घंटे बाद बालोतरा थाने ले आई। जहां उससे पूछताछ की गई तो पुलिस की अलग-अलग टीमें भेजकर रिश्वत की राशि लेकर फरार चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी फरसाराम को पकड़ने का प्रयास किया गया.