बांसवाड़ा के टामटिया गांव में हिंसा के पीछे पुरानी रंजिश, सड़क के दोनों ओर बसे परिवारों में लंबे समय से तनाव
बांसवाड़ा जिले के टामटिया गांव में रविवार देर शाम से रात तक हुई घटनाएं अचानक भड़की हिंसा का परिणाम नहीं थीं, बल्कि लंबे समय से चली आ रही रंजिश का नतीजा बताई जा रही हैं। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, एक बस्ती को बीच से बांटती डामर सड़क के दोनों ओर रहने वाले परिवारों के बीच छोटे-छोटे विवादों को लेकर लंबे समय से तनाव बना हुआ था।
जानकारी के मुताबिक, इन परिवारों के बीच अक्सर मामूली बातों पर झगड़े होते रहते थे, जो समय के साथ बढ़ते गए और आपसी संबंधों में खटास गहराती गई। रविवार देर शाम हुई घटना ने इसी पुराने तनाव को अचानक हिंसक रूप दे दिया, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
घटना के बाद गांव में दहशत फैल गई और कई लोग अपने घरों को छोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर चले गए। सोमवार को बस्ती के 30 से अधिक घर खाली पड़े नजर आए, जिससे पूरा इलाका वीरान जैसा दिखाई दिया।
सूचना मिलने पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रण में लेने के प्रयास शुरू किए। गांव में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोका जा सके।
स्थानीय लोगों का कहना है कि दोनों पक्षों के बीच पहले भी कई बार विवाद हुए थे, लेकिन समय रहते समाधान नहीं होने के कारण स्थिति धीरे-धीरे बिगड़ती चली गई। अब हालात इतने तनावपूर्ण हो गए हैं कि लोग अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं।
प्रशासन ने दोनों पक्षों से शांति बनाए रखने की अपील की है और मामले की जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस का कहना है कि घटना के पीछे के सभी कारणों की गहराई से जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल गांव में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
